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नगर निगम क्षेत्र में केवल 97 वैध कालोनी, अब अवैध कालोनी में रजिस्ट्री करते ही फंसेंगे अफसर

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सोनीपत। तहसीलों में नगर निगम व डीटीपी की एनओसी के बिना जमीन की रजिस्ट्री के मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने वैध कॉलोनियों का पूरा ब्यौरा तैयार करा दिया है। क्योंकि तहसीलों में रजिस्ट्री का खेल अवैध कॉलोनियों के सहारे खेला जाता है और जब उसकी शिकायत होती है तो वैध व अवैध कॉलोनियों का कोई ब्यौरा नहीं होने का बहाना बना दिया जाता है। अब तहसील के अधिकारी इस तरह का बहाना बनाकर बच नहीं सकेंगे। नगर निगम ने वैध कॉलोनियों की सूची जारी करते हुए उसे ऑनलाइन भी कर दिया है और नगर निगम की केवल 97 वैध कॉलोनियां हैं। इनसे अलग किसी कॉलोनी में रजिस्ट्री करने पर तहसील के अधिकारी फंस जाएंगे। वहीं नगर निगम ने कॉलोनी के आधार पर डेवलपमेंट चार्ज की सूची भी जारी कर दी है।
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तहसील में कृषि भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनी काटकर प्लॉट की रजिस्ट्री करने के आरोप लगते रहे हैं तो इस मामले को लेकर लॉकडाउन के समय सबसे ज्यादा खेल किया गया। अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्री की गई तो खेती की जमीन में कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचे गए। तहसील के अफसरों पर मिलीभगत के आरोप भी लगे और इसमें जांच भी चल रही है। इसमें सबसे बड़ा आरोप यह लगा कि नगर निगम क्षेत्र होने के बावजूद तहसील में रजिस्ट्री करते हुए निगम से जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई। जबकि निगम क्षेत्र की जमीन को लेकर एनओसी लेनी जरूरी होती है। इस तरह के आरोप लगाने के बाद तहसील के अफसर घिरते दिखे तो सरकार ने पारदर्शिता लाने के लिए वैध कॉलोनियों की सूची ऑनलाइन कराने की योजना बनाई। जिससे तहसील में रजिस्ट्री करने से पहले जमीन को लेकर पूरी जानकारी जुटाई जा सके और तहसील के अफसर किसी अवैध कॉलोनी में रजिस्ट्री करते हैं तो वह किसी भी तरह से बच नहीं सके। इसके तहत ही नगर निगम ने वैध कॉलोनियों की सूची जारी कर दी है और निगम क्षेत्र में केवल 97 वैध कॉलोनियां हैं जो सभी पुरानी हैं। इस तरह यह साफ हो गया है कि शहर के चारों ओर जितनी भी कॉलोनियां काटी गई हैं, वह सभी अवैध हैं और उनमें रजिस्ट्री भी अवैध तरीके से हुई हैं।
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निगम से केवल यह है वैध कॉलोनी, अन्य सभी अवैध
भगत सिंह कॉलोनी, चावला कॉलोनी, गोविंद नगर एक्सटेंशन, हनुमान नगर एक्सटेंशन, इंडियन कॉलोनी एक्सटेंशन, इंडियन कॉलोनी एक्सटेंशन-2, जीवन विहार एक्सटेंशन, जीवन विहार एक्सटेंशन-2, कबीरपुर, कैलाश नगर एक्सटेंशन, कीर्ति नगर एक्सटेंशन, मायापुरी एक्सटेंशन, पटेल नगर, प्रगति नगर, राजीव कॉलोनी, सरस्वती विहार एक्सटेंशन, शादीपुर कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी एक्सटेंशन, शास्त्री कॉलोनी एक्सटेंशन-2, सिद्धार्थ कॉलोनी, विकास नगर, आनंद विहार, विकास नगर एक्सटेंशन 1 व 2, सरस्वती विहार पार्ट 1 व 2, लक्ष्मी नगर 1 व 2, प्रगति नगर-2, मयूर विहार, हनुमान नगर 1 व 2, शांति विहार एक्सटेंशन, जटवाड़ा एक्सटेंशन, ज्ञान नगर, भरतपुरी, रामनगर, श्यामनगर, विजय नगर, जैनबाग कालोनी, चौहान कॉलोनी, बत्रा कॉलोनी 1 व 2, श्रीनगर कॉलोनी, श्रीनगर एक्सटेंशन, न्यू कॉलोनी, शास्त्री पार्क, सुंदर सांवरी, आदर्श नगर, चिंतपूर्णी कॉलोनी, दुर्गा कॉलोनी, ऋषि कॉलोनी, चावला कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, शिव कॉलोनी, मामचंद कॉलोनी, जीवन विहार कॉलोनी, जनता कॉलोनी, बसंत विहार, सिद्धार्थ बिल्डिंग कॉलोनी, आनंद नगर, कैलाशपुरी, पटेल नगर, गोविंद नगर, बाबा कॉलोनी, सुजान सिंह पार्क, टीचर कॉलोनी, पंचशील कॉलोनी, गांधी नगर, ब्रह्मनगर, विशाल नगर, प्रभुनगर, शहीद भगत सिंह कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी, कीर्ति नगर, संत रविदास कॉलोनी, विजय नगर, मालवीय नगर, लक्ष्मीनगर, शास्त्री कॉलोनी, छोटूराम कॉलोनी, प्रगति नगर, अनिल विहार, मलिक कॉलोनी, अशोक विहार, मयूर विहार, रामनगर, इंडियन कॉलोनी, न्यू नंदवानी नगर, राजीव कॉलोनी, सरस्वती विहार, न्यू तारानगर, न्यू ब्रह्म कॉलोनी, न्यू नरेंद्र कॉलोनी, न्यू पंचमनगर, न्यू भगतपुरा
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इन जगहों पर अवैध कॉलोनियां कटी, प्लॉट लेने वाले भी फंसेंगे
शहर के चारों ओर गोहाना रोड, जाहरी बाईपास, महलाना रोड, मुरथल रोड, राठधना रोड, देवडू रोड, कामी रोड, गोहाना रोड, रेवली गांव के पास सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनी काटी गई। इन कालोनियों में नियम के विरुद्ध तहसील से अज्ञ्भी तक रजिस्ट्री भी क दी गई। लेकिन इन जगहों पर सबसे ज्यादा सफेदपोश ने अवैध कॉलोनियां काटी हुई और उनके प्रभाव में आकर लोग प्लॉट भी खरीद लेते हैं। लेकिन अब इन जगहों पर अवैध कॉलोनियों में किसी ने प्लॉट खरीदा तो उनके साथ ही तहसील के अफसर भी फंस जाएंगे।
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नगर निगम ने अपने क्षेत्र की सभी वैध कॉलोनियों की सूची जारी कर दी है। जिससे उनके अलावा कोई कॉलोनी को वैध बताकर प्लॉट बेचता है तो उसका पहले ही पता चल सके कि वह कॉलोनी वैध नहीं है। इस तरह से लोगों की परेशानी कम होगी तो किसी तरह की गड़बड़ होने की आशंका भी नहीं रहेगी।
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-जगदीश शर्मा, कमिश्नर नगर निगम
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