कुंडली बॉर्डर पर डटे निहंग जत्थेदारों ने कहा कि वह पंजाब के गुरुद्वारों में स्थापित गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षा देखने जाएंगें। इसके लिए दो जत्थों को भेजा जाएगा। अगर सुरक्षा में खामी दिखी तो उस गुरुद्वारे से गुरु ग्रंथ साहिब को उठाकर दूसरे गुरुद्वारे में रखा जाएगा। इसके लिए निहंगों ने दो कमेटियों का गठन भी किया है, जिनका नेतृत्व बाबा चड़त सिंह व बाबा कुलविंदर सिंह करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह किसान मोर्चा से पूछकर यहां नहीं आए थे, तो अब किसी के कहने पर यहां से जाएंगे भी नहीं।
वीरवार शाम को कुंडली बॉर्डर पर पत्रकारों से बातचीत में निहंग जत्थेदार राजा राज सिंह व कुलविंद्र सिंह ने कहा कि जिस गुरुद्वारे में अब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी होगी, वहां की प्रबंधक कमेटी को इसका जिम्मेदार माना जाएगा। गुरुद्वारों के बाहर पूरी कमेटी के मोबाइल नंबरों की सूची लगानी होगी। बेअदबी रोकने की जिम्मेदारी अकाल तख्त के जत्थेदार की भी होगी। निहंग जत्थेदारों ने कहा कि अब तक 300-400 बेअदबी के मामले आ चुके हैं। उसके बावजूद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा है। उन्होंने दोहराया कि बेअदबी के मामलों में इसी तरह का परिणाम होगा, जैसा कुंडली बॉर्डर पर हुआ। सरकार को अगर ऐसे मामले रोकने हैं तो बेअदबी करने वालों के लिए फांसी का प्रावधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि उनके कदम का पंथक जत्थेबंदियां स्वागत कर रहीं हैं। केवल वह लोग ही विरोध कर रहे हैं जो सिख धर्म की मर्यादा को नहीं जानते। निहंग जत्थेदारों ने अपने इस फैसले को लेकर सप्ताह तक गुरुद्वारों के ग्रंथियों से सुझाव मांगे हैं और पूछा है कि वह बताएं कि उन्होंने बेअदबी बारे सही फैसला लिया है या नहीं। इसके बाद वह अपनी कार्रवाई शुरू कर देंगे। उन्होंने कहा कि बाबा अमन सिंह के जत्थे में कुछ गलत लोग घुस गए हैं, जिनके बारे में वह जल्दी ही फैसला करेंगे।
निहंग जत्थेदारों ने पुलिस के उस दावे का भी जवाब दिया है, जिसमें कहा गया था पुलिस के पास कुछ मुख्य आरोपियों के नाम है और जिनकी गिरफ्तारी की जाएगी। इस पर जत्थेदार राजा राज सिंह ने कहा कि पुलिस उन्हें आरोपियों के नाम बताए। इसके बाद वह विचार करेंगे कि गिरफ्तारी दी जाएगी या नहीं।
निहंग जत्थेदारों का कहना है कि कई किसान उनके सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने भी अपनी तरफ से कहा है कि वह यहां रहें, हमें कोई तकलीफ नहीं है। साथ ही कहा कि जो आपस के गिले-शिकवे हैं वह मिल बैठकर दूर कर लेंगे। सहमति बनी है कि निहंग जत्थेदारियों व मोर्चा के 3-3 सदस्यों की एक कमेटी बनाई जाएगी, जो मसले का हल करेगी। मोर्चा में कुछ शरारती तत्व घुस गए हैं, जो मोर्चे को खत्म करना चाहते हैं।