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अब भिगान टोल प्लाजा से फ्री नहीं निकल सकेंगे सात गांवों के वाहन चालक, चुकाना होगा टैक्स

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जीटी रोड पर भिगान टोल प्लाजा से गुजरते वाहन। संवाद - फोटो : Sonipat
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जीटी रोड भिगान टोल प्लाजा पर अब आसपास के दायरे में आने वाले गांवों के लोगों को भी टैक्स देना होगा। एनएचएआई की तरफ से ग्रामीणों को फ्री में जाने की सुविधा बंद कर दी गई है। अब टोल पार करने के लिए इन गांवों के वाहन चालकों को भी प्रति माह 285 रुपये का पास बनवाना होगा। टोल पर मिलने वाली फ्री सुविधा बंद करने से आस-पास के गांवों के ग्रामीणों में रोष है।
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जीटी रोड भिगान टोल प्लाजा पर अभी तक साथ लगते सात गांव भिगान, लड़सौली, पिपलीखेड़ा, हसनपुर, कुराड़, सनपेड़ा व धतूरी के ग्रामीणों के लिए टोल पूरी तरफ से निशुल्क था। अब एनएचएआई ने इसे बंद कर दिया है। वीरवार को जब इन गांवों के लोग टोल से गुजरने लगे तो टोलकर्मियों ने उनसे टैक्स की मांग की। इसके बाद ग्रामीणों को आदेश के बारे में पता चला। नए आदेश के बाद अब इन गांवों के लोगों को अपने खेतों में जाने के लिए टोल पार करना पड़ता है, उन्हें भी टैक्स चुकाना होगा। इसके लिए उन्हें अपने वाहनों पर फास्टैग लगाना अनिवार्य होगा। हालांकि उन्हें 20 किलोमीटर के दायरे में मिलने वाली छूट का लाभ ले सकेंगे। इसके तहत उन्हें 285 रुपये का मासिक पास बनवाना होगा।
सातों गांवों के प्रतिनिधि पहुंचे टोल प्लाजा पर
नए आदेश की सूचना मिलने पर भिगान, लड़सौली, पिपलीखेड़ा, हसनपुर, कुराड़, सनपेड़ा व धतूरी के पूर्व सरपंचों व पूर्व जिला पार्षद जयदीप मलिक ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया। जयदीप मलिक का कहना है कि सरकार द्वारा दी जाने वाली छूट वापस लिए जाने से हजारों लोग प्रभावित होंगे। प्रतिदिन आसपास के ग्रामीणों को जीटी रोड से आने-जाने के लिए दिन में कई बार टोल पार करना पड़ता है। सरकार ने ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। इसके बाद सातों गांवों के प्रतिनिधि टोल प्लाजा पर पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत करने का प्रयास किया। पूर्व जिला पार्षद जयदीप मलिक ने बताया कि टोल के प्रबंधक विजय तिवारी ने उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अब वह टोल फ्री करवाने के लिए टोल प्लाजा पर धरना शुरू करेंगे।
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यह बोले
ग्रामीणों को आने-जाने के लिए कई बार टोल से गुजरना पड़ता है। अगर ऐसे में वह टोल देंगे तो उनके ऊपर अतिरिक्त बोझ पडे़गा। अगर सरकार की ओर से सात गांवों के लोगों की समस्या का समाधान नहीं किया तो वह टोल पर धरना देने को मजबूर होंगे।
- प्रदीप मोर, पूर्व सरपंच लड़सौली
पहले सात गांव के लोगों को आईडी कार्ड दिखाकर निकाला जाता था। वैसे ही अब इन गांवों के लोगों को टोल से निकलने दिया जाए, लेकिन टोल अधिकारियों ने ऐसा करने से मना कर दिया। इसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एनएचएआई की ओर से पहले की तरह इमरजेंसी लाइन से आईडी दिखाकर निकलने का प्रावधान किया जाना चाहिए।
- बिजेंद्र आंतिल, पूर्व सरपंच गांव कुराड़
एनएचएआई की ओर से पहले की तरह सात गांवों के लोगों की सुविधा जारी रखनी चाहिए। अचानक छूट की बंद करना पूरी तरह से गलत है। इस संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों की तरफ से गांवों के प्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए थी।
- देवेंद्र त्यागी, पूर्व सरपंच धतूरी
सरकार द्वारा दी जाने वाली छूट वापस लिए जाने से हजारों लोग प्रभावित होंगे। सरकार के इन आदेशों से ग्रामीणों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। अधिकारियों से टोल के समाधान की मांग की है। अगर समाधान नहीं हुआ वह टोल फ्री करवाने के लिए टोल प्लाजा पर धरना शुरू करेंगे।
- जयदीप मलिक, पूर्व जिला पार्षद
वर्जन
एनएचएआई के आदेश के बाद आसपास के लोगों को भी अब छूट के तहत मासिक शुल्क देना होगा। अब सभी लेन पर फास्टैग लगाया जा रहा है। ऐसे में फास्टैग का छूट के तहत 285 रुपये का रिचार्ज करवाकर वह यहां से निकल सकेंगे।
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- विजय तिवारी, प्रबंधक टोल प्लाजा भिगान
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