अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने कुंडली में किसान आंदोलन के दौरान युवक पर तलवार से हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी निहंग को दोषी करार दिया है। दोषी को अदालत ने दस साल की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर नौ माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
वहां पर कुछ निहंग सिखों की पुलिसकर्मियों से बहस चल रही थी। इससे रास्ता बंद था। सन्नी एक किनारे से होकर बाइक निकालने का प्रयास करने लगा तो उनका एक नीले कपड़े पहने सिख युवक के साथ रास्ते को लेकर विवाद हो गया था। सिख युवक ने उनका रास्ता रोक लिया था। उसने वहां से जाने पर जान से मारने की धमकी दी थी। वह हाथ में तलवार लिए हुए था।
आरोपी ने अपनी पहचान पंजाब के अमृतसर के गांव सुल्तान विंड निवासी मनप्रीत के रूप में दी थी। उसने धमकी देते तलवार से उसके सिर में वार करने की कोशिश की थी। शेखर ने सिर को बचाने के लिए हाथ ऊपर कर वार को रोकने का प्रयास किया था। इससे शेखर की कलाई पर तलवार लगी थी। आरोपी ने दूसरा वार करने के लिए तलवार उठाई थी तो उसने उसे पकड़ लिया था। छीना-झपटी में तलवार से उसके कंधे और पीठ पर चोट लग गई थी। शेखर और सन्नी बाइक लेकर वहां से भाग निकले थे।
सन्नी घायल शेखर को लेकर कुंडली के निजी अस्पताल में पहुंचा था। जहां से उसे सामान्य अस्पताल व बाद में पीजीआई रोहतक ले जाया गया था। कुंडली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी की पहचान दिल्ली के गोविंदपुरी की गली नंबर 13 निवासी मनप्रीत के रूप में हुई थी। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया था, जहां से अदालत के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया था। मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए एएसजे अजय पराशर की अदालत ने आरोपी मनप्रीत को दोषी करार दिया है। उसे हत्या की कोशिश में दस साल कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।