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एनएच 44 : लॉकडाउन व तीन नए फ्लाईओवर जुड़ने से बढ़ा काम

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जीटी रोड पर बीसवां मील के पास टूटा हाईवे व अधूरा पड़ा नाला। संवाद - फोटो : Sonipat
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नेशनल हाईवे 44 को दिल्ली से पानीपत तक आठ लेन बनाना सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। प्रोजेक्ट पहले इसे तैयार करने का जिम्मा लेने वाली कंपनी की लचर कार्यप्रणाली की भेंट चढ़ गया। बाद में टेंडर दूसरी कंपनी को दिया गया तो लॉकडाउन ने इसकी गति को रोक दिया। अब किसान आंदोलन भी इसमें बाधा बना हुआ है। ऐसे में एनएचएआई अधिकारी जल्द निर्माण पूरा करने की बात कह रहे हैं।
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दिल्ली से पानीपत तक हाईवे के चौड़ीकरण का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। करीब 70 किलोमीटर लंबे मार्ग को सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था। निर्माता कंपनी एस्सल ग्रुप को इसे अप्रैल 2019 तक पूरा करना था। लेकिन कंपनी ने जीटी रोड पर जगह-जगह खोदाई कर काम को बीच में छोड़ दिया। जिस पर एनएचएआई ने ठेका बदल कर वैलस्पन कंपनी को दे दिया। इससे कंपनी से शुरुआत से ही लंबित काम को गति से निपटाना शुरू कर दिया, मगर यह पूरा प्रोजेक्ट किसानों द्वारा 8 किलोमीटर का एरिया खाली करने के बाद ही सिरे चढ़ेगा।
तीन नए फ्लाईओवर भी जोड़े गए, इससे भी काम बढ़ा
प्रोजेक्ट के तहत जीटी रोड को आठ लेन का करने के साथ सभी कट बंद करने हैं। लंबी दूरी के वाहनों को फ्लाईओवर से गुजारा जाएगा। इससे लिए हाईवे पर 29 छोटे पुल व 10 बड़े फ्लाईओवर, सभी फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास, 11 फुट ओवरब्रिज, 15 प्रमुख सड़क जंक्शन बनने हैं। प्रमुख सड़क जंक्शन को यातायात प्रभावित किए बिना मुख्य सड़कों से जोड़ा जाएगा। इसमें बाद में तीन अन्य ओवरब्रिज बनाने का फैसला लिया गया है, जिसमें नरेला के पास शिफ्ट होने वाली फल व सब्जी मंडी, गन्नौर में निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय फल व फूल मंडी और पानीपत में सिवाह के पास बनने वाले ओवरब्रिज शामिल हैं। प्रोजेक्ट में बाद में जोड़े गए इन तीन ओवरब्रिज पर अतिरिक्त तौर पर 203 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
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वर्जन
काम में तेजी के लिए कंपनी को बदला गया, जिसके बाद अगस्त-2021 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया। इस बीच लॉकडाउन लगने की वजह से मजदूरों की दिक्कत आ गई। इसके अलावा नरेला, गन्नौर और सिवाह के पास नए आरओबी तैयार करने के कार्य बाद में शामिल करने से काम और बढ़ गया। अब काम तेजी से कराया जा रहा है। सर्विस रोड समेत इस काम को अक्तूबर-नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। बाकी बचे काम को आंदोलन कर रहे किसानों के जीटी रोड को खाली करने के बाद जल्द कराना जाएगा।
- हनुमंत सांगवान, प्रोजेक्ट निदेशक
मैं खुद इस प्रोजेक्ट पर निगाह बनाए हुए हूं। बैठकों में इसकी प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। हाईवे पर आजकल काम तेजी से चल रहा है। इसे नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। कुंडली बॉर्डर पर बैठे किसानों द्वारा जीटी रोड से उठने के बाद उसे हिस्से के काम को भी जल्द निपटाया जाएगा।
- रमेश कौशिक, सांसद सोनीपत
वर्जन
हाईवे जैसे प्रोजेक्ट का काम अयोग्य फर्म को दिए जाने की वजह से यह प्रोजेक्ट काफी लेट चल रहा है। देरी की वजह से जीटी रोड पर हादसे होना और जाम लगना रोजाना की बात हो गई है। हादसों में लोगों की जान भी जा रही है। इस प्रोजेक्ट पर नजर रखने के लिए सरकार को कमेटी का गठन करना चाहिए, जिससे इसमें ज्यादा देरी न हो सके। कमेटी इसकी प्रगति रिपोर्ट पर पूरी तरह निगरानी बनाए रखे।
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- सुरेंद्र पवार, विधायक, सोनीपत
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