कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है। पहली जनवरी को आधी रात के समय फैक्टरी से लौट रहे तीन कर्मियों को बैग के अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए। कड़ाके की ठंड में कैरी बैग के अंदर किसी नवजात को रखकर सड़क किनारे छोड़ा गया था। उन्होंने नवजात को उठाया और अपने साथ ले गए। अब एक सप्ताह बाद उन्होंने नवजात मिलने की जानकारी कुंडली थाना पुलिस को दी है। बच्चे को कर्मियों की जानकार महिला के पास रखा गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बच्चे को बेसहारा छोड़कर जाने वालों का पता लगा रही है।
मूलरूप से उत्तराखंड के जिला गढ़वाल के गांव खोला निवासी सुरजीत सिंह रावत ने कुंडली थाना पुलिस को बताया कि वह फिलहाल दिल्ली के देवली स्थित संगम विहार में रहते हैं। वह जगदंबा कंपनी में गोल्ड पेटिंग का काम करते हैं।
पहली जनवरी की रात साढ़े 12 बजे वह अपने दोस्त मूलरूप से बिहार के जिला सिवान के गांव पुरैना फिलहाल दिल्ली के गांव सिंघु निवासी गुलशन कुमार व उसके भाई विशाल कुमार के साथ कुंडली की गेडोर कॉलोनी में अपने दोस्त धर्मेंद्र से मिलने आए थे। तीनों रात को वहां से गांव सिंघु जा रहे थे। जब वह वलर्ड फैशन कंपनी के पास पहुंचे तो सड़क के टी-प्वाइंट पर उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्हें सड़क किनारे एक कैरी बैग रखा दिखाई दिया। आवाज नीले रंग के बैग से ही आ रही थी।
उन्होंने बैग को खोलकर देखा तो उसमें नवजात शिशु लाल व सफेद रंग की चद्दर में लिपटा हुआ मिला। उन्होंने बच्चे को बैग सहित उठा लिया। नवजात का अज्ञात महिला ने कड़ाके की ठंड के बीच मरने के लिए छोड़ दिया था। वह उसे अपने साथ ले गए और उसे अपनी परिचित गीता को सौंप दिया। घटना के बाद वह घबरा गए थे। अब उन्होंने कुंडली थाना में आकर शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम अब नवजात के माता-पिता का पता लगा रही है। पुलिस टीम इसके लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी खंगाल रही है।