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नगर निगम को मिले 80 करोड़ रुपये, तेजी से होगा विकास

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नगर निगम में आयुक्त धर्मेंद्र सिंह से मुलाकात करते निगम पार्षद। संवाद - फोटो : Sonipat
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नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत की खबर है। नगर निगम को स्टांप ड्यूटी के बकाया 80 करोड़ रुपये जिला प्रशासन ने जारी कर दिए हैं। ऐसे में नगर निगम क्षेत्र में अटके सीवर, पेयजल व सड़क जैसे कार्य अब फिर से शुरू कर तेजी पूरे कराए जा सकेंगे। नगर निगम प्रशासन को 80 करोड़ रुपये मिलने के बाद वार्ड स्तर पर समान रूप से पैसे का आवंटन किया जाएगा। पहले चरण में गर्मी से पहले निगम की ओर से निर्बाध रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू करने की योजना है। जिन गलियों में सीवर लाइन बिछ चुकी है, वहां गलियों का निर्माण कराया जाएगा।
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नगर निगम के खजाने में तीन माह पहले बजट का टोटा होना शुरू हो गया था। बजट न होने से वार्डों में विकास कार्य कराने के लिए पार्षदों को परेशानी हो रही थी। शहर के 20 वार्डों में नई स्ट्रीट लाइट, सड़कों का निर्माण, सीवर, मरम्मत के कार्य तक पूरी तरह से बंद पड़े हैं। बजट नहीं मिलने से ठेेकेदार भी काम बंद कर चुके हैं। फिलहाल नगर निगम की ओर से विधायक कोष, सांसद निधि कोष व डी प्लान के तहत जारी राशि से ही इक्का-दुक्का विकास कार्यों को कराया जा रहा है। ज्यादातर विकास कार्य पूरे न होने के कारण शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि ठेकेदारों ने सिंचाई, लोक निर्माण व जनस्वास्थ्य विभाग में ठेके लेनेे शुरू कर दिए थे।
सीएम से 25 फरवरी को मिले थे पार्षद
शहर के विकास के मुद्दों को लेकर निगम पार्षदों ने 25 फरवरी को सीएम मनोहर लाल से चंडीगढ़ में उनके आवास पर मुलाकात की थी। उस दौरान पार्षदों ने न सिर्फ निगम अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए थे, बल्कि शहर के विकास को लेकर बजट का अभाव बताया था। साथ ही उन्होंने स्टांप ड्यूटी के रुपये नगर निगम के खाते में भिजवाने की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि नगर निगम में बजट की कमी के कारण बहुत से विकास कार्य काफी समय से अटके हुए हैं। निगम पार्षदों की समस्या सुनने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तुरंत अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थेे।
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विकास कार्य न होने के कारण निगम आयुक्त से मिले पार्षद
विकास कार्य न होने के कारण सोमवार को पार्षद निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह से मिले। उनका कहना है कि विकास कार्य शुरू न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। शहर की सड़कें टूटी पड़ी है। इस समस्या को लेकर वह पहले भी शिकायत कर चुके हैं, उसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। साथ ही उन्होंने निगम आयुक्त धर्मेंद्र सिंह से बजट को लेकर पहले बैठक करने की मांग की। इस पर निगम आयुक्त ने पार्षदों को आश्वासन किया कि हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। बजट सत्र के समाप्त होने के बाद नगर निगम की बजट बैठक रखी जाएगी।
हर वार्ड को मिलेंगे दो-दो करोड़ रुपये
मेयर निखिल मदान ने कहा कि प्रशासन की ओर से स्टांप ड्यूटी के 80 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इन राशि में से हर वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए दो-दो करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। बाकी राशि शहर के चौक व अन्य मुख्य मार्गों के सुंदरीकरण पर खर्च किया जाएगा। हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के बाद निगम की बजट बैठक में अलग से बजट पास किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
वर्जन
निगम क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे। प्रशासन की ओर से स्टांप ड्यूटी के 80 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। यह राशि निगम क्षेत्र की जमीन की रजिस्ट्री के बदले में मिलती है। पैसे जल्द ही नगर निगम के खाते में भिजवा दिए जाएंगे।
- ललित सिवाच, जिला उपायुक्त
वर्जन
जिला प्रशासन की तरफ से नगर निगम स्टांप ड्यूटी के 80 करोड़ रुपये जारी करने की जानकारी मिली है। जल्द ही राशि नगर निगम के खाते में आ जाएगी, जिसके बाद विकास कार्य तेजी से कराए जाएंगे।
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- धर्मेंद्र सिंह, आयुक्त नगर निगम सोनीपत
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