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घटस्थापना के साथ आज होगी मां शैलपुत्री की पूजा

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शेर पर सवार मां शेरोवाली की मूर्ति खरीदती महिलाएं। संवाद - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। चैत्र नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं। जो नौ अप्रैल तक चलेंगे। नवरात्र के नौ दिनों में चारों ओर भक्ति की बयार बहेगी। देवी मंदिरों को भी सजाया गया है। घटस्थापना के साथ शनिवार को मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी अमित शोनक ने बताया कि नवरात्र के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। इसके बाद घर के किसी पवित्र स्थान पर स्वच्छ मिट्टी से वेदी बनाए। वेदी में जौ और गेहूं दोनों को मिलाकर बोए। वेदी के पास धरती मां का पूजन कर, वहां कलश स्थापित करें। इसके बाद सबसे पहले प्रथम पूज्य श्रीगणेश की पूजा करें। इसके बाद वेदी के किनारे पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देवी मां की प्रतिमा स्थापित की जाए। मां दुर्गा की कुमकुम, चावल, पुष्प, इत्र से विधिपूर्वक पूजा फलदायक होती है।
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चैत्र नवरात्र को लेकर शहर के कच्चे क्वार्टर मार्केट, सेक्टर-14-15, गोहाना रोड, बस अड्डा, काठ मंडी सहित अन्य बाजारों में दुकानें पूजन सामग्री से सज गई हैं। भक्त दिनभर माता की पूजा अर्चना के लिए बाजार में खरीदारी करते नजर आए। खासकर महिला श्रद्धालुओं में पूजा अर्चना की तैयारियों को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई दी। उन्होंने बाजार में दुकानों से मां की चुनरी, नारियल, सामग्री, शृंगार व मूर्तियों की जमकर खरीदारी की।
किस दिन कौन सी देवी का करें पूजन
दिनांक दिन तिथि पूजन
02 अप्रैल शनिवार प्रतिपदा मां शैलपुत्री, इस दिन घट स्थापना या कलश स्थापना की जाती है।
03 अप्रैल रविवार द्वितीय मां ब्रह्मचारिणी
03 अप्रैल सोमवार तृतीय मां चंद्रघंटा
04 अप्रैल मंगलवार चतुर्थी मां कुष्मांडा
05 अप्रैल बुधवार पंचमी मां स्कंदमाता
06 अप्रैल वीरवार षष्ठी मां कात्यायनी
07 अप्रैल शुक्रवार सप्तमी मां कालरात्रि
08 अप्रैल शनिवार अष्टमी मां महागौरी
09 अप्रैल रविवार नवमी मां सिद्धिदात्री
कलश स्थापना मुहूर्त
पंडित अमित शोनक ने बताया कि चैत्र नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाएगी। घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 2 अप्रैल को सुबह 6:12 बजे से 8:31 बजे तक शुभ का चौघडिया रहेगा। कुल अवधि करीब 2 घंटे की है। कलश स्थापना का अभिजीत मुहूर्त दिन में 11:35 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक है। नौ दिनी व्रत रखने वाले साधक दशमी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण करेंगे।
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