लघु सचिवालय में मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सक के सोमवार को छुट्टी पर रहने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनवाने वाले युवाओं की मुसीबत बढ़ गई। डीएल बनवाने के लिए लोगों को नागरिक अस्पताल के चक्कर काटने पड़े। उन्हें 10 मिनट में होने वाले मेडिकल परीक्षण के लिए तीन घंटे तक अस्पताल में अलग-अलग चिकित्सकों के पास जाना पड़ा। लोगों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लघु सचिवालय में दूसरे चिकित्सक का प्रबंध नहीं करने से उन्हें परेशानी से जूझना पड़ा।
डीएल बनवाने के लिए मेडिकल परीक्षण अनिवार्य है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को लघु सचिवालय में ही चिकित्सक की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में डीएल बनवाने वालों को वहीं पर सुविधा मिल जाती है। लेकिन सोमवार को लघु सचिवालय में मेडिकल परीक्षण करने वाले चिकित्सक के छुट्टी पर रहने के कारण युवाओं को अस्पताल में जाने के लिए कहा गया। जिस पर मेडिकल परीक्षण कराने के लिए काफी संख्या में युवा लघु सचिवालय से भीड़भाड़ के बीच चार किलोमीटर का सफर तय कर जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। अस्पताल में लैब व चिकित्सकों के कमरे के बाहर युवाओं की भीड़ रही। मेडिकल बनवाने के लिए युवाओं को तीन-तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
दस मिनट के काम के लिए तीन घंटे भटके
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लघु सचिवालय में नियुक्त चिकित्सक के छुट्टी पर जाने के बाद दूसरे चिकित्सक की ड्यूटी लगाई जानी चाहिए। सोमवार को चिकित्सक नहीं होने के कारण युवाओं को अस्पताल में आने के लिए मजबूर होना पड़ा। जहां लघु सचिवालय में 10 मिनट में मेडिकल बन जाता है उसी के लिए तीन घंटे भटकना पड़ा। -अंकित, निवासी पुगथला।
घंटों लाइन में लगना पड़ा
वाहन चलाने के लिए डीएल जरूरी है। इसको बनवाने के लिए युवाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। मेडिकल परीक्षण के लिए लघु सचिवालय में चिकित्सक छुट्टी पर मिला। इसके बाद नागरिक अस्पताल तक आने में परेशानी हुई। यहां भी कई घंटों तक लाइन में लगना पड़ा। -सुरेंद्र, निवासी मुंडलाना।
अतिरिक्त चिकित्सक की होनी चाहिए थी व्यवस्था
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल परीक्षण के लिए अतिरिक्त चिकित्सक का प्रबंध करना चाहिए। स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण युवाओं को मेडिकल जांच के लिए भटकना पड़ा। पहले वह लघु सचिवालय में पहुंचे। वहां चिकित्सक नहीं मिलने के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ा। -राकेश, निवासी जटवाड़ा।
अस्पताल में बर्बाद होता है समय
लघु सचिवालय में मेडिकल जांच के लिए जल्द ही नंबर आ जाता है, लेकिन अस्पताल में कई घंटे में मेडिकल जांच पूरी होती है। ऐसे में युवाओं की परेशानी ज्यादा बढ़ती है और इससे समय पर खराब होता है। -प्रदीप निवासी बिचपड़ी
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल परीक्षण के लिए अलग से चिकित्सक की व्यवस्था की गई है। चिकित्सक को किसने छुट्टी दी और दूसरे चिकित्सक को लघु सचिवालय में क्यों नहीं भेजा गया, इस संबंध में स्वास्थ्य अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। आगे से ऐसी स्थिति आने पर दूसरे चिकित्सक को नियुक्त किया जाएगा।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन।