गांव ककरोई के खेतों और बीपीएल परिवारों के प्लॉटों से पानी की निकासी न होने से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को लघु सचिवालय पर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार मनोज अहलावत को ज्ञापन सौंपकर पानी निकासी कराने की मांग की। उनका आरोप है कि खेतों से पानी निकासी नहीं होने के कारण फसलें बर्बाद हो रही हैं। बीपीएल परिवारों के मकानों को नुकसान पहुंच रहा है।
पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। पानी निकासी न होने की समस्या काफी समय से बनी हुई है। प्रशासन को अवगत कराए जाने के बावजूद पानी निकासी नहीं कराई जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि जब उन्होंने वहां से पानी निकालने की कोशिश की तो गांव के एक व्यक्ति ने इसका विरोध किया। उसके बाद से पानी खेतों में भरा हुआ है। पानी निकासी का प्रबंध नहीं होने के कारण फसलें खराब हो रही है। साथ ही बीपीएल परिवारों के मकानों को भी नुकसान पहुंच रहा है। प्रशासन की ओर से जल्द पानी निकासी का प्रबंध करना चाहिए। इस दौरान फूल कुमार, परमजीत, चांदराम, बबलू, श्रीभगवान, राजेश, राकेश, पूर्ण सिंह, नरेश, जगबीर, विकास, शमशेर, परमबीर, राजबीर व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्रामीणों के हंगामा करने पर एसडीएम ककरोई पहुंची, अधिकारियों को पानी निकासी के दिए निर्देश
सोनीपत। लघु सचिवालय में ग्रामीणों के धरना दिए जाने के बाद एसडीएम शशि वसुंधरा ने गांव ककरोई के खेतों में पानी निकासी का समाधान कराने पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द पानी की निकासी होनी चाहिए, जिसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत करते हुए स्थिति की गंभीरता से लिया। उन्होंने बस्ती का भी जायजा लिया, जहां बरसाती पानी के भराव की समस्या बताई गई। साथ ही उन्होंने खेतों का दौरा करते हुए भी पूरी स्थिति को समझते हुए जरूरी उपायों पर मंथन किया।
एसडीएम शशि वसुंधरा ने अधिकारियों के साथ जलभराव की स्थिति के समाधान के लिए चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फौरन जल निकासी के उपाय करें। इसके लिए प्रशासन से हर संभव सहयोग मिलेगा। जल भराव की समस्या जल्द से जल्द दूर होनी चाहिए। इसके लिए पंप सेट लगवाएं व पाइपों की सफाई भी करवाएं, जिससे शीघ्र पानी की निकासी हो सके। एसडीएम ने कहा कि बस्ती में से बरसाती पानी को जल्द निकलवाया जाएगा। इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी मनीष मलिक व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।