हरियाणा के सोनीपत में कामी रोड स्थित सिद्धपीठ श्री बाबा धाम मंदिर से भगवान जगन्नाथ महोत्सव के तहत रविवार को रथयात्रा निकाली गई। जिसमें श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा में शहर ही नहीं, बल्कि विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालुओं ने पहुंचकर संपूर्ण जगत के नाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। ओडिशा के पुरी से ब्राह्मणों ने करतल व ढोलक की धुन पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा की पूजा-अर्चना करवाई।
मंदिर में अलसुबह से लेकर दोपहर तक मंगला आरती, तुलसी पूजन, शृंगार दर्शन, सूर्य पूजा, द्वारपाल पूजा, रथ संस्कार व खिचड़ी भोग की रस्म निभाने के बाद भगवान जगन्नाथ को रथ पर विराजमान किया गया। हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली के बैंड व शहनाई वादकों ने धार्मिक धुनों से सोनीपत नगरी को भक्तिमय बनाया।
रथयात्रा में फूलों की महक के बीच श्रद्धालु भजनों पर भक्ति के रस में डुबकी लगाते नजर आए। यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के मेरठ से अलग-अलग झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालुओं ने पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ के रथ को हाथों से रस्से की सहायता से खींचा। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में रीति-रिवाज से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
इससे पहले पुरी, बनारस, वृंदावन से सेवादारों व ब्राह्मणों ने भगवान के रथ को रंग-बिरंगी लाइटों व सुगंधित फूलों से सजाया। मंदिर परिसर में संकीर्तन कर भंडारा लगाया गया। बरसाना से चेतन दास ने अपने प्रवचनों से जगत के नाथ की महिमा का बखान किया। भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी, विधायक सुरेंद्र पंवार, मेयर निखिल मदान, पूर्व कैबिनेट मंत्री कविता जैन, भाजपा नेता राजीव जैन, योगेश पाल अरोड़ा, सुरेंद्र छिक्कारा, पंडित अमित शौनक व बाबा धाम के संचालक राकेश कुच्छल ने भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लेकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं के साथ रस्सी से रथ खींचकर जगत के नाथ से सभी के जीवन में सुख-शांति व समृद्धि की कामना की।
501 तरह का भोग लगाया गया
पुरी के ब्राह्मणों ने बाबा धाम में मंत्रोच्चारण व पूजा-अर्चना के साथ सर्वप्रथम सुदर्शन जी का पहंडी विजय (रथ पर विराजमान) करवाया। फिर उनके भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा को रथ पर विराजमान किया गया। बाद में जगत के नाथ भगवान जगन्नाथ करतल व ढोलक ध्वनि के साथ रथ पर विराजमान हुए। कोलकाता व वृंदावन के सुंगधित फूलों से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र व सुभद्रा का भव्य शृंगार किया। इसके बाद भगवान को 501 तरह का भोग लगाकर रथयात्रा को प्रारंभ किया गया।
इन मार्गों पर जगन्नाथ ने दिए दिव्य दर्शन
भगवान जगन्नाथ रथयात्रा रथ पूजन के बाद सिद्धपीठ श्री बाबा धाम से दोपहर करीब 4 बजे प्रारंभ हुई। इसके बाद रथयात्रा जटवाड़ा, पुरखास अड्डा, दयाल चौक, गीता भवन, बस अड्डा, मुरथल अड्डा चौक व सब्जी मंडी रोड होते हुए वापस बाबा धाम पहुंची। रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने जगत के नाथ के दिव्य दर्शन किए।