राई। नेशनल हाईवे-44 पर गुलशन ढाबे की पार्किंग में हमलावरों की गोलियों का शिकार हुए शराब कारोबारी सुंदर मलिक की हत्या में पुलिस ने शूटर के पिता को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रोहतक के गांव रिटौली निवासी नरेश उर्फ नेशा के रूप में हुई है। उस पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में तीनों शूटर की पहचान कर चुकी है।
मूलरूप से गांव सरगथल फिलहाल पटेल नगर निवासी शराब कारोबारी सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा (36) 9 मार्च की रात करीब दस बजे गुलशन ढाबा की पार्किंग में अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर आया था। वह रात को गाड़ी में ही सो गया था। 10 मार्च को सुबह साढ़े आठ बजे दो युवकों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर सुंदर की हत्या कर दी थी। सुंदर मलिक उर्फ सुंदरा कुख्यात नीतू दाबोदिया गैंग का शार्प शूटर रहा था। पुलिस ने मामले में सबसे पहले सुंदर के दोस्त गांव कैलाना निवासी सन्नी फोगाट उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया था। उसके अगवानपुर के नवीन को जीपीएस के लिए सिम बेचने के आरोप में पकड़ा था। उसके साथ ही रामनिवास उर्फ कल्लू बुसाना को भी गिरफ्तार कर लिया था। उस पर पुरानी रंजिश के चलते सुंदर को मरवाने का आरोप है। साथ ही जींद की नेताजी कॉलोनी निवासी बिटटू को शरण देने में पकड़ा था।
अब मामले में मुरथल थाना प्रभारी जसपाल सिंह की टीम ने रिटौली के नरेश उर्फ नेशा को पकड़ा है। वह सुंदर मलिक को गोली मारने में आरोपी अजय उर्फ गोली का पिता है। नरेश पर षड्यंत्र रचने का आरोप है। आरोपी अजय विदेश में बैठे कुख्यात हिमांशु भाऊ के गांव का रहने वाला है। साथ ही दो अन्य शूटर की पहचान कर ली गई है। यह विकास उर्फ विक्की रिंढाना और हिसार के खारिया का आशीष बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।
मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग में भी आरोपी है आशीष
आरोपी आशीष मातूराम हलवाई की दुकान पर फायरिंग कर रंगदारी मांगने के मामले में भी आरोपी है। इसका खुलासा एसटीएफ की टीम पहले ही कर चुकी है।
वर्जन
शराब कारोबारी की हत्या के मामले में षड्यंत्रकारी को गिरफ्तार किया है। मामले में हर पहलू पर गहनता से जांच की जा रही है। मामले से जुड़े सभी आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा।
संदीप धनखड़, एसीपी मुरथल