गोहाना। गांव रूखी के युवक को अमेरिका भेजने व काम दिलवाने के नाम पर 25 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने डीसीपी गोहाना को मामले की शिकायत दी। बरोदा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव रूखी निवासी अमित ने बताया कि वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। वह काम करने के लिए विदेश जाना चाहते थे। उनके मौसेरे भाई शुभम ने गुरसेवक नाम के युवक से उसे अमेरिका भेजने के लिए बात की। इस पर उनके परिचित पानीपत निवासी जोगिंद्र ने उसे और उनके जीजा सुमित को गुरसेवक से मिलवाया था। अमेरिका भेजने के नाम पर 40 लाख रुपये में सौदा तय किया गया। अमित ने बताया कि जिसके बाद 19 दिसंबर, 2022 को उन्हें मुंबई से अजरबैजान भेजा गया। वहां एयरपोर्ट से ही उन्हें वापस भारत भेज दिया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर गुरसेवक ने उन्हें महिपालपुर के एक होटल में ठहराया। अमित ने बताया कि 21 दिसंबर, 2022 को उनके जीजा सुमित ने 10 लाख रुपये गुरसेवक को दिए। गुरसेवक के साथ अंग्रेज सिंह मंगत भी था। 13 जनवरी, 2023 को सुमित ने गुरसेवक को 15 लाख रुपये और दिए थे।
अमित ने बताया कि 29 मार्च, 2023 को उसे हैदराबाद से दोबारा अजरबैजान भेज दिया गया। अजरबैजान में वह 20 दिन तक रहे। इसके बाद 18 अप्रैल, 2023 को अजरबैजान से वापस दिल्ली के लिए चल दिए। गुरसेवक ने उन्हें रास्ते में तुर्की के इस्तांबुल में उतारकर भारत की फ्लाइट छुड़वा दी। इसके बाद उन्हें सात दिन तक एयरपोर्ट पर ही रहना पड़ा। 25 अप्रैल, 2023 को वह इस्तांबुल से कजाकिस्तान के लिए चले गए। वहां पर वह 12 दिन तक रहे। इसके बाद 6 मई, 2023 को कजाकिस्तान से दुबई के लिए भेज दिया गया।
10 दिन रूके दुबई में :
दुबई में वह करीब दस दिन तक रूके। इस दौरान गुरसेवक ने उनके जीजा सुमित को फोन कर बाकी रुपये देने को कहा। रुपये नहीं देने पर उन्होंने उसे गायब करने की धमकी दी। उनकी सभी टिकट दिल्ली के द्वारका निवासी पारूल ने बुक करवाई थी। अंत में सुमित ने 17 मई, 2023 को उनकी दिल्ली के लिए टिकट करवाई, जिसके बाद वह वापस दिल्ली लौट आए। अमित ने बताया कि गुरसेवक ने सुमित से करीब 26.20 लाख रुपये नकद लिए थे। इस रुपये को गुरसेवक ने डॉलर में बदलवाकर उन्हें वापस दे दिया। गुरसेवक ने चार लाख रुपये कई बार में उसके खाते में भी डाले थे। इसके अतिरिक्त 1.30 लाख रुपये सुमित के अकाउंट में डाले गए।