फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में किसान महापंचायत: कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात, जांच के बाद ही दिल्ली में प्रवेश

Mon, 20 Mar 2023 12:29 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

संयुक्त किसान मोर्चा की कॉल पर दिल्ली के रामलीला मैदान में किसानों की महापंचायत होनी है। जिसको लेकर कुंडली-सिंघु बॉर्डर सुबह से ही पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
विज्ञापन
साथियों संग कुंडली बॉर्डर पर आए मंजीत राय - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महापंचायत के लिए जिले के किसानों के साथ ही प्रदेश व पंजाब के किसान भी नेशनल हाईवे-44 से गुजर रहे है। किसानों के दिल्ली में प्रवेश के दौरान कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस बल तैनात है। दिल्ली की सीमा में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ी को भी लगाया गया। पंजाब से कुंडली पहुंचे किसान नेता मंजीत राय ने सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- हरियाणा विधानसभा: अभय चौटाला ने डार्क जोन का मुद्दा उठाया, स्पीकर से बहस, सदन से नेम किया

एसकेएम नेता मंजीत राय ने कहा सरकार के अल्टीमेटम देने जा रहे
दिल्ली के रामलीला मैदान में हो रही किसान महापंचायत को लेकर कुंडली-सिंघु बॉर्डर सुबह से ही पुलिस की तैनाती कर दी गई है। सोनीपत पुलिस ने अपने क्षेत्र में नाका लगाया है दिल्ली की सीमा में दिल्ली पुलिस के साथ ही अर्द्धसैनिक बल भी तैनात है। वाहनों को जांच कर निकाला जा रहा है। हालांकि किसी को जाने से रोका नहीं गया। इस दौरान अपने साथियों संग कुंडली बॉर्डर पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के अध्यक्ष व संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य मंजीत सिंह राय ने कहा कि सरकार अपने वादे से मुकर रही है। जिसे लेकर सरकार को अल्टीमेटम देने जा रहे है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- किसानों का दिल्ली कूच: रामलीला मैदान में महापंचायत, MSP गारंटी कानून व अन्य मांगों को लेकर होगी रणनीति तैयार
विज्ञापन


सरकार ने एमएसपी के लिए मनमानी कर कमेटी बनाई
सरकार ने किसानों का आंदोलन स्थगित कराने के दौरान कई वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है। सरकार ने एमएसपी के लिए बनने वाली कमेटी में एसकेएम के सदस्यों को शामिल करने की बात कही थी, लेकिन बाद में मनमानी कर कमेटी बना दी गई। जिसमें एसकेएम को शामिल नहीं किया गया। सरकार ने कहा था किसानों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमे दर्ज कर दिए जाएंगे। अब तक ऐसा कुछ नहीं किया गया है।

लखीमपुर मामले में इंसाफ करने का वादा भी वादा ही बनकर रह गया। अब तक इसे लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है। प्रधानमंत्री के वादे फिर जुमले साबित हो रहे हैं। एसकेएम के आह्वान पर रामलीला मैदान में आज महापंचायत करेगी। इसके साथ ही एक कमेटी सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी। सुनवाई नहीं हुई तो फिर से बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें