रोहिणी कोर्ट में बदमाश जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या करने के बाद पुलिस की गोली से मारने गए जयदीप उर्फ जग्गा के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस को पता लगा है कि वह कई फर्जी आईडी लिए थे। वह दिल्ली में मोरिश नाम की फर्जी आईडी का प्रयोग कर रहा था। अंदेशा यह भी जताया जा रहा है कि वह वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। हालांकि वह मौके पर ही पुलिस मुठभेड़ में मारा गया।
गांव कामी के रहने वाले जयदीप उर्फ जग्गा की दोस्ती 2017 में जेल में रहने के दौरान दिल्ली के शातिर बदमाश सुनील उर्फ टिल्लू निवासी ताजपुर से हुई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार टिल्लू ताजपुरिया और जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग की दुश्मनी का सभी को पता है। जेल में टिल्लू से जग्गा की दोस्ती के बाद गोगी को मारने की तैयारी हो गई थी। पिछले दिनों गोगी के गिरफ्तार हो जाने के बाद उसको मारना आसान नहीं था। उसके बाद गोगी की हत्या करने का जिम्मा खुद जयदीप ने संभाल लिया था। जयदीप ने खुद कोर्ट में जाकर गोगी की हत्या कर दी। जयदीप के मुठभेड़ में मारे जाने से उसके गुर्गों में खलबली मची है। ऐसे में सोनीपत पुलिस भी सतर्क हो गई है। पुलिस भी उसके गुर्गों का पता लगा रही है कि वह सोनीपत में तो नहीं हैं।
वर्जन
दिल्ली कोर्ट में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए जयदीप के बारे में अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है। उसके खिलाफ चार मुकदमे थे, जिनमें उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस लगातार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, सोनीपत।