सोनीपत। केंद्र सरकार व किसानों के बीच लगातार बदलते माहौल के बीच एक बार फिर संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के नेता कुंडली बॉर्डर पर जुटेंगे। शनिवार को होने वाली बैठक में एसकेएम अहम निर्णय ले सकता है। ऐसे में सभी की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं। वहीं मोर्चा नेताओं का कहना है कि वह सरकार के रुख को देखते हुए आगामी निर्णय लेंगे। यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी तो वह आंदोलन जारी रखने का एलान करेंगे।
किसान आंदोलन में तीन कृषि कानूनों की वापसी को बड़ी जीत माना जा रहा है। पंजाब के किसानों ने कृषि कानूनों के रद्द होने पर जश्न मनाते हुए इसे बड़ी जीत बताया था, लेकिन साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने एलान किया था कि एमएसपी समेत जिन 6 मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है उन्हें पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसी बीच कई मांगों पर सरकार के सकारात्मक रवैये को देखते हुए माना जा रहा है कि किसान आंदोलन को लेकर नरम रुख अपना सकते हैं। वहीं, शुक्रवार को 32 जत्थेबंदियों की बैठक होनी तय हुई थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। किसान नेता जंगवीर सिंह ने बताया कुछ किसान नेताओं के बाहर होने के चलते बैठक नहीं हुई।