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हरियाणा में हरपथ एप खुद बीमार: समस्या का कैसे हो उपचार, मई से दिसंबर 2022 तक 5183 शिकायतें मिलीं

Mon, 24 Jul 2023 10:11 AM IST
नवीन दलाल रविंद्र ठाकुर, सोनीपत (हरियाणा)

सार

सरकार ने 15 सितंबर 2017 को हरपथ एप लॉन्च किया था। साथ ही बताया गया था कि कैसे यह एप सड़क, गली और नाले-नालियों से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं का समाधान करवाएगा। एप पर शिकायत करने के बाद वह सीधे विभाग के अधिकारियों को मिलेगी।
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हरपथ एप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरकार ने सड़क, गली, नाले-नालियों व गड्ढों से जुड़ी समस्या की शिकायत के लिए हरपथ एप बनाया है, मगर यह 6 माह से बंद पड़ा है। इस एप के जरिए लोग जिले लोग मई से दिसंबर 2022 तक 5183 शिकायत लोक निर्माण विभाग के पास भेज चुके हैं, मगर अब उस पर शिकायत दर्ज नहीं हो रही है।

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सरकार ने 15 सितंबर 2017 को लॉन्च किया था एप
सरकार ने 15 सितंबर 2017 को हरपथ एप लॉन्च किया था। साथ ही बताया गया था कि कैसे यह एप सड़क, गली और नाले-नालियों से जुड़ी तमाम तरह की समस्याओं का समाधान करवाएगा। एप पर शिकायत करने के बाद वह सीधे विभाग के अधिकारियों को मिलेगी। जिससे सड़क की मरम्मत, गड्ढों व अन्य समस्याओं का समाधान करवाया जा सकेगा। तय सीमा में काम नहीं होने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माने का प्रावधान था।

4494 शिकायतों का समाधान कर 355 को कर दिया था रद्द
वर्ष 2020 मेें एप में बदलाव किया गया और गुरुग्राम की कंपनी को टेंडर दे दिया गया था। दो वर्ष एप का सही इस्तेमाल होने के बाद अब सड़कों की मरम्मत करवाने वाला हरपथ एप खुद मरम्मत मांग रहा है। दिसंबर 2022 तक एप के जरिए अधिकारियों को शिकायतें मिलीं, लेकिन इसके बाद एप पर शिकायतें नहीं पहुंची हैं। साथ ही अब यह एप मोबाइल पर डाउनलोड नहीं हो रहा है, जिसका कारण 3 एंड्रायड वर्जन पीछे चलना है, लेकिन अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। 

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यह थी प्रक्रिया

एप डाउनलोड करने के बाद लोगों को जीपीएस ऑन कर खस्ताहाल सड़क की फोटो खींचकर शिकायत करनी होती थी। एप में जियो टैगिंग के जरिए सड़क का खस्ताहाल हिस्सा टैग किया जा सकता था। शिकायत अपलोड करने से ही केवल खस्ताहाल सड़कों ही नहीं, बल्कि गलियों, नालों-नालियों की समस्याएं इस एप के जरिए अधिकारियों तक पहुंचती थी। जहां से शिकायत की जाती, एप वहां की लोकेशन स्वयं उठाता था। इसके बाद अधिकारी लोगों की समस्या का समाधान करवाते थे। एप में शिकायत नंबर भी दर्ज होता था।

5183 में से 54 शिकायत अधूरी

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को हरपथ एप के जरिए मई से दिसंबर 2022 तक सड़कों से जुड़ी कुल 5183 शिकायत मिली थीं। इनमें से विभाग ने 4494 शिकायत का निवारण कर दिया था। 355 शिकायत अन्य विभाग की होने के कारण उन्हें रद्द कर दिया गया। 54 शिकायत अधूरी पड़ी हैं। बाकी पर काम चल रहा है, पर छह माह से विभाग के पास एप के जरिए कोई शिकायत नहीं पहुंची है।

एप में ये विभाग शामिल

सरकार ने सड़कों, गलियों, नालों-नालियों की समस्याओं का समाधान करवाने के लिए लोगों को कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़े, इसलिए हरपथ एप को लॉन्च किया था। हरपथ एप में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, शहरी स्थानीय निकाय, मार्केटिंग बोर्ड व एचएसआईआईडीसी को शामिल किया गया है। मानसून के दौरान सड़कों में हुए गड्ढों को भरवाने में हरपथ एप सहायक सिद्ध होता था, लेकिन एप पर 6 माह से कोई शिकायत नहीं पहुंची है।
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अधिकारी के अनुसार

लोक निर्माण विभाग को दिसंबर से हरपथ एप के जरिए कोई शिकायत नहीं मिली है। एप से जो शिकायत मिली थीं उनमें से अधिकतर का समाधान करवा दिया गया है। 355 शिकायतें विभाग की नहीं होने से उन्हें रद्द कर दिया गया है। कुछ शिकायतें का समाधान होना है। उनको भी जल्द हल कर दिया जाएगा। -रविन दत्ता, उपमंडल अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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