जानकारी देते गुरनाम सिंह चढूनी
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भारतीय किसान यूनियन चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा सरकार की ओर से उनके पास बातचीत का कोई न्योता नहीं आया है। मंगलवार को गृह मंत्रालय से यह शर्त रखी गई थी कि यदि किसान आंदोलन खत्म करने की घोषणा करें तो वह मुख्यमंत्री से मिल सकते हैं, लेकिन किसानों ने इस शर्त को नामंजूर कर दिया।
वह कुंडली बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन की बैठक से पहले बातचीत कर रहे थे। गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि पहले सरकार मुकदमे वापस ले और आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजे की घोषणा करें, तभी किसान वापसी के बारे में सोचेंगे।
सरकार ने अभी तक कुछ भी लिखित में किसानों के पास नहीं भेजा है। जहां तक किसानों की बैठकों का सवाल है तो दर्जनों संगठन हैं जो रोजाना अपनी अपनी बैठक करते हैं और स्थिति पर चर्चा करते हैं। इसमें कोई नई बात नहीं है।
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मांगें पूरी होने तक यहां से नहीं जाएंगे : सुमन हुड्डा
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) की महिला प्रदेश अध्यक्ष सुमन हुड्डा ने कहा कि किसानों की मांगे मान लेने की बातें अभी तक मीडिया में ही चल रही हैं, किसानों के पास इसकी कोई सूचना नहीं है। जब तक किसानों की सभी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक किसान यहां से जाने वाले नहीं हैं। किसानों का लगातार हौंसला बढ़ाया जा रहा है।