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भाजपा के राज में 1300 गोवंश के भूखे मरने की नौबत, एक महीने से हरा तो चार दिन से नहीं मिला सूखा चारा

Fri, 16 Oct 2020 02:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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सोनीपत। सरकार भले ही गो संरक्षण का दावा करती हो और करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हो। इसके बावजूद हकीकत यह है कि सरकारी गोशालाओं में कई-कई दिन तक गोवंश को चारा तक नहीं मिल रहा है। इसका खुलासा नगर निगम के अधिकारियों की जांच रिपोर्ट से सामने आया है। निगम की कमासपुर गोशाला में पिछले एक महीने से हरा चारा और चार दिन से सूखा चारा नहीं है। ऐसे में करीब 1300 गोवंश भूख से मरने की स्थिति में पहुंच गए हैं। इसकी शिकायत मिलने पर सीएसआई व एसआई जांच के लिए गोशाला पहुंचे। इस दौरान उन्होंने देखा कि गोशाला में 15 से ज्यादा कर्मचारी लगाए गए हैं, लेकिन वहां सफाई तक नहीं की गई थी। इसकी रिपोर्ट उन्होंने कमिश्नर को सौंप दी है।
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नगर निगम ने करोड़ों रुपये खर्च करके कमासपुर गांव में गोशाला बनाई हुई है। जहां वर्ष 2018 में शहर से पकड़कर गोवंश छोड़े गए थे और वहां इस समय लगभग 1300 गोवंश बताए गए हैं। उन गोवंश को चारा खिलाने से लेकर वहां देखरेख व सफाई के लिए कर्मचारियों को रखने का निगम ने ठेका दिया हुआ है। जिससे गोवंश को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। लेकिन वहां इसका उल्टा हो रहा है और वहां गोवंश को चार-चार दिन तक हरा व सूखा कोई भी चारा खाने के लिए नहीं दिया जाता है। वहां अव्यवस्था की शिकायत निगम कमिश्नर के पास पहुंची तो उसकी जांच करने के लिए सीएसआई व एसआई को भेजा गया। वहां दोनों अधिकारी जांच करने पहुंचे तो उनको पता चला कि पिछले एक महीने से हरा चारा नहीं लाया जा रहा है।

इसके अलावा 3-4 दिन से वहां सूखा चारा भी खत्म है और गोवंश को कुछ भी खाने के लिए नहीं दिया जा रहा है। इस तरह गोवंश पिछले कई दिनों से भूखे थे। सीएसआई व एसआई ने जांच रिपोर्ट में कहा है कि चारा नहीं मिलने से गोवंश के भूखे मरने की नौबत आ रही है। इसके अलावा गोवंश की शेड के नीचे काफी गंदगी थी और वहां गोबर पड़ा हुआ था। वहां से गोबर तक नहीं उठाया जा रहा है, जबकि वहां लगभग 15 कर्मचारी तैनात है। जिसपर कर्मचारियों ने बहाना बना दिया कि वहां ट्रैक्टर कई दिन से खराब पड़े हैं, इसलिए सफाई नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सुपरवाइजर वहां से गायब मिला तो उन कर्मचारियों के नाम भी दिए गए हैं जो उस समय ड्यूटी पर तैनात थे।
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2018 में सर्दी में मर गए थे 200 से ज्यादा गोवंश
कमासपुर गोशाला में गोवंश की पहले भी बेकद्री होती रही है और वहां अव्यवस्थाओं के कारण ही वर्ष 2018 में 200 से ज्यादा गोवंश की मौत हो गई थी। उस समय काफी हंगामा हुआ था और गोरक्षकों ने धरना तक किया था। जिससे अधिकारी हरकत में आए थे और वहां व्यवस्थाओं में सुधार किया गया था। लेकिन अब जिस तरह से कई-कई दिन तक गोवंश को चारा भी खाने को नहीं मिल रहा है, उससे वहां की पूरी व्यवस्था की पोल खुल गई है। निगम के अधिकारी भी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

  • इस तरह से गोवंश को कई दिनों तक चारा नहीं देना बहुत गलत है। निगम के अधिकारियों की अनदेखी के कारण इस तरह गोवंश की बेकद्री हो रही है। इसको लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। - राम पाहुजा, गोरक्षक
  • गोशाला में केवल हरा चारा पिछले काफी समय से इसलिए नहीं आ रहा है, क्योंकि हरा चारा खत्म हो गया है। हरा चारा जब दोबारा शुरू हो जाएगा तो गोशाला में आने लगेगा। अन्य कोई समस्या है तो उसे दिखवाया जाएगा। - सुभाष चंद्र, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम
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