अनाज मंडी में पीआर धान की नमी की जांच करती हैफेड की टीम। संवाद
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शहर की अनाज मंडी में आढ़तियों और किसानों को पीआर धान की सरकारी खरीद करवाने के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालात यह हैं कि डीलर न आने की वजह से खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। वीरवार को भी अनाज मंडी में एक डीलर के इंतजार में हैफेड की टीम ने दो घंटे देरी से पीआर धान की खरीद शुरू की। इससे पहले आढ़ती टीम के पास जाकर खरीद करने की मांग करते रहे। इसके बाद जब टीम ने खरीद शुरू की तो अधिकतर पीआर धान नमी न होने के कारण खरीदा नहीं जा सका। ऐसे में किसानों और आढ़तियों को परेशानी उठानी पड़ी।
अनाज मंडी में बाजरा, कपास, 1509 किस्म धान के अलावा पीआर धान की आवक लगातार हो रही है। इनमें से सरकार की ओर से केवल पीआर धान की खरीद की जा रही है, जिसका कार्यभार हैफेड को सौंपा गया है। हैफेड की टीम अनाज मंडी में आकर पिछले चार दिन से पीआर धान की खरीद कर रही है। इसके बावजूद उन्हें धान का उठान करने के लिए डीलर नहीं मिल रहा है। इस कारण खरीद भी प्रभावित हो रही है। हैफेड की टीम ने वीरवार को एक डीलर से अनाज मंडी में पहुंचने का आह्वान किया। यहां पहले जहां अन्य दिनों में दोपहर बाद डेढ़ बजे सरकारी खरीद शुरू की जानी थी, वहीं वीरवार को यह प्रक्रिया करीब दोपहर बाद साढ़े तीन बजे शुरू हो पाई। इससे पहले आढ़ती व किसान सोसायटी के कार्यालय में पहुंचकर खरीद शुरू करने की मांग करते रहे। हैफेड की टीम ने पीआर धान की खरीद शुरू की तो अधिकतर ढेरियों में नमी 20 फीसदी से अधिक मिली। इस पर अधिकारियों ने आढ़तियों व किसानों को धान को और सुखाने को कहा। ऐसे में हैफेड की टीम वीरवार को केवल 893 क्विंटल पीआर धान की ही खरीद कर पाई। इससे पहले टीम ने 4200 क्विंटल से अधिक पीआर धान खरीद चुकी है।
अधिकतम 17 फीसदी नमी होने पर ही हो सकती है खरीद
पीआर धान में खरीद प्रभावित होने का मुख्य कारण नमी भी है। अधिकारियों के अनुसार 17 फीसदी नमी होने पर ही धान की खरीद की जा सकती है। ऐसे में किसानों व आढ़तियों ने फसल को सुखाने के लिए उसे अनाज मंडी परिसर में फैला रखा है।
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पीआर धान में नमी का मानक पूरा होने पर ही उसकी खरीद की जा रही है। जिस ढेरी में अधिक नमी मिल रही है, उन्हें नमी मानक अनुसार पूरी होने पर ही खरीदा जा रहा है। अब तक 5000 क्विंटल से अधिक पीआर धान खरीदा जा चुका है। धान के उठान में डीलरों को बुलाया जा रहा है। सोमवार को एक डीलर आया भी है। उम्मीद है कि जल्द अन्य डीलर भी अनाज मंडी में पहुंचेंगे, जिससे उठान नियमित रूप से हो सकेगा।
- प्रवीण भारद्वाज, प्रचेज अधिकारी, हैफेड