शहर में बरोदा रोड स्थित वाल्मीकि आश्रम में 13 अक्तूबर को प्रस्तावित भगवान वाल्मीकि के राज्यस्तरीय प्रकटोत्सव का किसान विरोध नहीं करेंगे। रविवार को यह घोषणा भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने अन्य किसान नेताओं के साथ वाल्मीकि समाज की प्रदेशस्तरीय बैठक में पहुंचकर की। उन्होंने कहा कि वह किसी धार्मिक कार्यक्रम में आने वाले भाजपा-जजपा के मंत्रियों का विरोध नहीं करेंगे। अगर यह कार्यक्रम राजनीतिक होता तो वह सीएम को काले झंडे दिखाते। इस पर वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने उनका आभार भी जताया।
बता दें कि भगवान वाल्मीकि त्रिकालदर्शी सोसायटी द्वारा 13 अक्तूबर को गोहाना में भगवान वाल्मीकि का राज्यस्तरीय प्रकटोत्सव मनाने का निर्णय लिया है। सोसायटी ने प्रकटोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि आने के लिए सीएम मनोहर लाल को आमंत्रित किया है। इसी को लेकर रविवार को वाल्मीकि आश्रम में समाज के लोगों की प्रदेशस्तरीय बैठक हुई। बैठक में विशेष रूप से धर्मगुरु बाबा मन शाह महाराज आशीर्वाद देने पहुंचे। इससे पहले भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल बैठक के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यक्रम को लेकर जानकारी ली। वाल्मीकि समाज ने धार्मिक कार्यक्रम होने की जानकारी दी।
इस पर सत्यवान नरवाल ने कार्यक्रम का समर्थन करते हुए कोई विरोध न करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि के आदर्शों का केवल एक समाज नहीं, बल्कि हर समाज के लोग करते हैं। इसलिए किसान इस कार्यक्रम का विरोध नहीं करेंगे। अगर यह कार्यक्रम राजनीतिक होता तो संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर वह जरूर इसका विरोध करते।
वहीं, धर्मगुरु बाबा मन शाह महाराज ने बताया कि 13 अक्तूबर को दादा गुरु खाक शाह महाराज का 390 वां जन्मदिवस है। उसी दिन भगवान वाल्मीकि का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। समारोह में प्रदेशभर से श्रद्धालु मत्था टेकने के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने यहां श्रद्धालुओं की सेवा के लिए समाज के निष्ठावान लोगों की जिम्मेदारी लगाने का आदेश दिया। सोसायटी के अध्यक्ष दीपक आदित्य ने कहा कि राज्यस्तरीय धार्मिक समारोह में सीएम मनोहर लाल के अलावा, राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा, कृष्ण बेदी व समाज के कई प्रबुद्धजीवियों को आमंत्रित किया गया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कुछ लोग जो कार्यक्रम का विरोध करने की बात कह रहे हैं, वह कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वाल्मीकि समाज से जुड़े होने पर उन्हें ऐसा करना शोभा नहीं देता।
इस दौरान सिरसा से शांति स्वरूप, हिसार से अमर सिंह, करनाल से राजेश वैद्य, पानीपत से गोविंद, जींद से भारत भूषण टांक, रोहतक से सुखबीर, भिवानी से रमेश और नंबरदार अजीत सिंह, जगबीर पांचाल, जसबीर बुटाना, कुलदीप आहुलाना, भाकियू से बिंदू चौहान, संदीप उर्फ भगत सिंह, सुनील चावरिया, पूर्ण, जगबीर, तस्वीर मलिक, कर्मबीर पहलवान आदि मौजूद रहे।
एक पक्ष पहले ही जता चुका है विरोध करने की मंशा
वाल्मीकि समाज का एक पक्ष भगवान वाल्मीकि प्रकटोत्सव का विरोध करने की मंशा जता चुका है। इसको लेकर समाज के लोगों ने शनिवार को कांग्रेस एससी सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष बंसी वाल्मीकि के नेतृत्व में इसका विरोध करने का निर्णय लिया था। इस पर आयोजक सोसासटी के अध्यक्ष दीपक आदित्य ने कहा कि कुछ लोग जो कार्यक्रम का विरोध करने की बात कह रहे हैं, वह कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वाल्मीकि समाज से जुड़े होने पर उन्हें ऐसा करना शोभा नहीं देता।
प्रदेशस्तरीय बैठक में विचार-विमर्श करते वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि व अन्य।- फोटो : Sonipat