सोनीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि लखीमपुर खीरी प्रकरण में सरकार की तरफ से ठोस कार्रवाई न किए जाने के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 12 अक्तूबर को शहीद किसान दिवस मनाने से की जाएगी। इसके बाद दशहरा पर्व पर 15 अक्तूबर को पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्थानीय नेताओं के पुतले जला कर उनके झूठ का दहन किया जाएगा। 26 अक्तूबर को लखनऊ में लखीमपुर कांड के विरोध में एक किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।
शनिवार को कुंडली बॉर्डर से एसकेएम के सदस्यों ने प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली पहुंचकर लखीमपुर खीरी मामले में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने के कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी। इस दौरान एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड भारत के किसान आंदोलन के इतिहास में एक दर्दनाक अध्याय की तरह याद किया जाएगा। अब तक सामने आए सभी वीडियो के माध्यम से इस घटना का पूरा सच देश के सामने आ चुका है। यह सभी को पता लगा चुका है कि यह घटना अचानक नहीं हुई। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी ने पहले एक समुदाय विशेष के किसानों को धमकी दी। फिर विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को उकसाने की कोशिश की और बाद में उनके बेटे व उसके गुर्गों ने प्रदर्शन से वापस जा रहे किसानों को पीछे से गाड़ी चढ़ाकर कुचल दिया। जिसमें 4 किसानों और एक पत्रकार की मौत हुई। इस नृशंस हत्याकांड में संलिप्त लोगों के चेहरे भी अब देश के सामने आ चुके हैं। इस दौरान किसान नेता हन्नान मोल्ला, जोगिंदर सिंह उगराहां, सुरेश कौथ, योगेंद्र यादव और अभिमन्यु कोहाड भी मौजूद रहे।
अंतिम अरदास के बाद निकाली जाएगी शहीद किसान यात्रा
एसकेएम नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि अगर 11 अक्तूबर तक उनकी मांगों को स्वीकार नहीं किया गया तो देशव्यापी आंदोलन शुरू होगा। 12 अक्तूबर को तिकोनिया में शहीदों के अंतिम अरदास के बाद लखीमपुर खीरी से शहीद किसानों के अस्थि कलश लेकर शहीद किसान यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले और देश के प्रत्येक राज्य के लिए अलग-अलग अस्थि कलश लेकर शुरू की जाएगी। इस यात्रा का समापन हर जिले और राज्य में किसी पवित्र या ऐतिहासिक स्थान पर किया जाएगा।
पीएम व गृह मंत्री के पुतले जलाएंगे
15 अक्तूबर को दशहरा पर्व के अवसर पर किसान विरोधी भाजपा सरकार के प्रतिरूप नरेंद्र मोदी व अमित शाह और स्थानीय नेताओं के पुतले जलाकर उनके झूठ का दहन किया जाएगा। इसी क्रम में 18 अक्तूबर को देश भर में सुबह 10 बजे से 4 बजे तक रेल रोको आंदोलन किया जाएगा। अंत में 26 अक्तूबर को संयुक्त किसान मोर्चा लखनऊ में लखीमपुर कांड के विरोध में किसान महापंचायत होगी।
एसकेएम ने यह रखी मांग
एसकेएम की मांग है कि केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी को सरकार से बर्खास्त कर द्वेष, हत्या और आपराधिक षड्यंत्र फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया जाए। साथ ही उनके बेटे आशीष मिश्र और उनके सहयोगियों सुमित जायसवाल व अंकित दास को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
भाजपा के चरित्र को किया बेनकाब
इस दौरान भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार के चरित्र को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। इतने बड़े हत्याकांड और उसमें भाजपा नेताओं के संलिप्त होने के स्पष्ट प्रमाण होने के बावजूद भी आरोपी नेताओं और गुंडों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाए जा रहे। यह स्पष्ट है कि इस ऐतिहासिक किसान आंदोलन के सामने अपने पांव उखड़ते देखकर भाजपा अब हिंसा पर उतारू हो गई है। उन्होंने कहा कि एसकेएम हिंसा का जवाब शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक जन-आंदोलन से देगा।