सहयोगी दल के सदस्य को चेक देते पैरालंपियन अमित सरोहा। संवाद
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सोनीपत। देश के लिए ओलंपिक व पैरालंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का खूब सम्मान हो रहा है और देशवासी उन्हें पलकों पर बैठा रहे हैं। लेकिन सोनीपत के पैरालंपियन अमित सरोहा ने शनिवार को अनोखी पहल की। उन्होंने मुरथल में समारोह आयोजित कर खेल के दौरान मददगार रहे स्टाफ, सहयोगी दल व निजी प्रशिक्षक का अभिनंदन करने के साथ ही उन्हें 50 लाख रुपये के चेक भी वितरित किए।
कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन कर चुके गांव बैंयापुर निवासी अमित सरोहा ने अपनी पैरालंपिक यात्रा में योगदान देने वाले गुमनाम नायकों को सम्मानित किया। शनिवार को आयोजित किए गए अभिनंदन समारोह में उन्होंने प्रशिक्षक टीम के साथ सहयोगी स्टाफ के प्रयासों पर आभार जताते हुए करीब 50 लाख रुपये के चेक वितरित किए। अमित सरोहा ने निजी प्रशिक्षक देवेंद्र और सहयोगी देवेंद्र सरोहा को विशेष सम्मान दिया। दोनों को अमित सरोहा ने व्यक्तिगत कोष से 25-25 लाख रुपये की राशि भेंट की। इसके अलावा समारोह में साई केंद्र बहालगढ़ की क्षेत्रीय निदेशक ललिता शर्मा, मुख्य प्रशिक्षक वजीर सिंह फोगाट, पैरालंपिक समिति के महासचिव गुरशरण सिंह, गिरीराज सिंह, फिजियो अंकुर, पैरालंपियन धर्मबीर नैन और रिंकू हुड्डा को भी सम्मानित किया गया।
इस दौरान पैरालंपिक समिति के महासचिव गुरशरण सिंह ने कहा कि यह बहुत अच्छी शुरुआत है और पीसीआई इसका पूरा समर्थन करेगा। साई निदेशक ललिता शर्मा ने कहा कि अमित सरोहा हमेशा दूसरों को अपना सर्वश्रेष्ठ समर्थन देने में विश्वास करते हैं और हमेशा सकारात्मक रहते हैं। धर्मबीर नैन ने बताया कि अमित ने हमेशा उनके गुरु के रूप में समर्थन किया है उसे एक बेहतर एथलीट बनने में मदद की है।
2010 राष्ट्रमंडल खेलों से मिला बड़ा ब्रेक
रिकॉर्ड तीन बार पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले अमित ने बताया कि वर्ष 2010 राष्ट्रमंडल खेल उनके लिए पहला टर्निंग प्वाइंट था। जिसके बाद वह अपने सपनों को पूरा करने में लग गए और इस मुकाम पर पहुंच गए कि देश के सर्वेश्रेष्ठ पैरालंपियनों में उनका नाम शुमार हो गया। उन्होंने बताया कि 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के बाद से उन्होंने तीन पैरा-एशियाई खेलों में भाग लिया, क्लब और डिस्कस थ्रो स्पर्धाओं में कई पदक जीते। 2015 और 2017 में विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता और तीन पैरालंपिक खेलों वर्ष 2012 में लंदन, 2016 में रियो व 2020 में टोक्यो में देश का प्रतिनिधित्व किया।