भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की मांग पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को 43 माह तक चलाना है। अभी तो सिर्फ 10 महीने ही हुए हैं। किसान हारने वाला नहीं है और लगातार अपने संघर्ष को जारी रखेगा। केंद्र सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया था, जिसकी सच्चाई को किसान उजागर करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सोशल मीडिया का सहारा लेकर किसानों को बदनाम करने का प्रयास कर रही है।
किसानों को बदनाम करने के लिए सरकार सोशल मीडिया का ले रही सहारा
वह शुक्रवार को खरखौदा अनाज मंडी में किसानों द्वारा ओलंपियन खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब लड़ाई बंदूक-लाठी की नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही है। हम सरकार की काबू नहीं आए, हमें सोशल मीडिया पर घेर लिया। उन्होंने युवा वर्ग से आह्वान किया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार के दुष्प्रचार का करारा जवाब देते हुए मक्कड़जाल से बाहर निकलें।
सोशल मीडिया पर यह तो बताया जा रहा है कि हमने मुजफ्फरनगर की महापंचायत में अल्लाह हू अकबर का नारा दे दिया। हमें कई दिन से गालियां दी जा रही हैं। इनको एक नारा तो सुन गया, मगर दूसरा नहीं सुन पाए। इसमें हमारी क्या गलती है। उन्होंने कहा कि हमने मुजफ्फरनगर की धरती से देश को जोड़ने का नारा दिया, जहां इन्होंने तोड़ने का काम किया था। उन्होंने कहा कि इनका आईटी सेल किसानों को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा, मगर सरकार का आईटी सेल यह नहीं बताएगा कि सरकार ने सड़कें बेच दीं, रेल बेच दी, देश के अनेक प्रतिष्ठान बेच दिए।
मुजफ्फरनगर नगर की भीड़ दवा वोट में तबदील होगी
उन्होंने कहा कि सरकार के एमएसपी से किसान और किसानी को कोई फायदा नहीं होने वाला। पिछले सात साल में किसान ही नहीं, बल्कि किसी की भी आय नहीं बढ़ी। आज हम जिस मंडी में खड़े हैं हो सकता है कि आने वाले टाइम में यह उद्योगपतियों के कब्जे में हो। सरकार की कोशिश रहती है कैसे फायदे वाली चीज उद्योगपतियों को दें। सरकार की यह सोच देश को बर्बाद कर देगी। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर नगर में सरकार को भीड़ के रूप में दवाई दी जा चुकी है, यही भीड़ की दवा वोट में तबदील होने वाली है।
प्रदेश के सीएम गलती मान लें तो हम भी मिठाई खिलाने को तैयार
पंजाब में गन्ने का रेट बढ़ाने पर मुख्यमंत्री कैप्टन को किसान नेताओं द्वारा मिठाई खिलाने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि हमारी भी मांग केंद्र सरकार मान ले, एमएसपी कानून देने के साथ ही जितनी लाठियां किसानों पर भांजी हैं, उस पर प्रदेश के सीएम गलती मान लें तो हम भी मिठाई खिलाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सीएम और गृहमंत्री की आपस में बात नहीं बन पा रही है। गृहमंत्री मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री केंद्र में जाना चाहते हैं, इन दोनों का आपस में टकराव है।
की कीमत बढ़ाने पर योगी सरकार शून्य पर रुकी हुई
राकेश टिकैत ने कहा कि हम तो अपनी काली भैंस भी गली से गुजार दें तो वह भाजपा का विरोध ही समझा जाएगा। उत्तर प्रदेश में गन्ने की कीमत बढ़ाने पर उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 80 रुपये बढ़ाए थे, अखिलेश सरकार में 50 रुपये बढ़े, लेकिन योगी सरकार शून्य पर रुकी हुई है। अगर 80 रुपये से ज्यादा बढ़ोतरी की जाती है तो नंबर एक पर योगी होंगे, कम बढ़ाएंगे तो रैंकिंग भी तो कम ही रहेगी।