संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने 13 फरवरी को किसानों का दिल्ली कूच का एलान कर रखा है। किसान संगठनों ने इसे 'किसान आंदोलन-2' का नाम दिया है। दिल्ली कूच में हरियाणा के सात, पंजाब के 10 व हिमाचल प्रदेश के एक संगठन समेत 18 किसान संगठनों के शामिल होने की बात कही जा रही है। ऐसे में कुंडली बॉर्डर क्षेत्र के लोगों को फिर पहले की तरह नेशनल हाईवे-44 के जाम होने का भय सताने लगा है। इसे लेकर कुंडली के उद्योगपति अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर आंदोलन में फिर से कुंडली में किसानों का पड़ाव हुआ तो उनकी फैक्टरी बंद हो जाएगी। पहले हुए किसान आंदोलन के बाद अब दिल्ली व कुंडली क्षेत्र में कुंडली गांव से सिंघोला तक फ्लाईओवर बन चुका है। ऐसे में इस बार नेशनल हाईवे को हरियाणा-दिल्ली की सीमा पर बंद करना दिल्ली पुलिस के लिए चुनौती बन जाएगा।
वर्ष 2020-21 के आंदोलन के दौरान किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने नेशनल हाईवे-44 पर दीवार खड़ी कर दी थी। अबकी बार वहां दीवार बना पाना संभव नहीं है। वहीं सोनीपत में अर्धसैनिक बल के कुछ जवान भी पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी उनकी किसी स्थान पर तैनाती नहीं की गई है। प्रदेश को केंद्र सरकार से करीब 50 कंपनी देने की बात कही है।
टिकरी बॉर्डर पर काफी संख्या में रखे गए बैरिकेड, उद्योगपतियों की सांस भी अटकी
टिकरी बॉर्डर पर बैरिकेड रखे गए हैं। दिल्ली पुलिस जहां किसानों को टिकरी बॉर्डर से दिल्ली में न घुसने के लिए तैयारी कर रही है। वहीं हरियाणा की झज्जर पुलिस भी अलर्ट पर है। बहादुरगढ़ में किसानों के पहुंचने के भय से उद्योगपतियों की सांस भी अटकी हुई है। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के नेता सिंगारा सिंह मान का कहना है कि ये कॉल संयुक्त किसान मोर्चा और उनकी यूनियन की नहीं है। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज और फुटवियर पार्क एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एसपी और डीसी से मिलकर किसान आंदोलन को रोकने की गुहार लगाई है।
खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी कर रहे हैं किसानों से बॉर्डर पर न पहुंचने की अपील
खाप पंचायत के प्रतिनिधि भी किसानों से टिकरी बॉर्डर पर न पहुंचने की अपील कर रहे हैं। दलाल खाप नौगांवा के पूर्व प्रधान अतर सिंह ने कहा कि पिछली बार काफी नुकसान हुआ था। बेहतर होगा कि यह आंदोलन न हो।
किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जींद पहुंचा अर्धसैनिक बल
जींद में पुलिस ने चार स्थान पर नाकेबंदी कर किसानों को रोकने की तैयारी की है। प्रशासन ने जिले में अर्धसैनिक बल की छह और हरियाणा पुलिस की चार कंपनियां बुलाई हैं। इसमें पंजाब सीमा पर दातासिंह वाला, उझाना, डूमरखा के पास नरवाना कैंची मोड़ व पौली गांव में यह फोर्स तैनात किया गया है ताकि इन संगठनों को दिल्ली कूच से रोका जा सके। सरदार गुरनाम सिंह चढूनी गुट ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया है। इसमें जिले से खटकड़ टोल कमेटी शामिल होगी, इसके लिए तैयारी चल रही है।
आंदोलन का रास्ता छोड़ सरकार से बातचीत कर हल निकालें किसान : दहिया खाप
दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने किसान संगठनों से आंदोलन का रास्ता छोड़कर सरकार से सीधे बातचीत करने को कहा है। बोले-किसान संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री या कृषि मंत्री से मिलने का समय लें। किसान संगठन सोनीपत को आंदोलन का केंद्र नहीं बनाएं।
आंतिल खाप कल बैठक कर लेगी फैसला
आंतिल चौबीसा के प्रधान हवा सिंह आंतिल ने बताया कि 10 फरवरी को बैठक बुलाई है। चौबीसा की बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वहीं मलिक खाप पहले ही आंदोलन से दूर रहने की घोषणा कर चुकी है।
किसानों की मांगें
किसान संगठनों ने एमएसपी, मुआवजा 2021-22, 2023 बिजली बिल माफ, कर्ज मुक्ति, लखीमपुर खीरी के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आंदोलन की घोषणा की है। इसमें हरियाणा से सात संगठन, पंजाब के 10 संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है।
बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर पर 13 फरवरी को किसानों द्वारा आंदोलन किए जाने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क है। बहादुरगढ़ में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
- डॉ. अर्पित जैन, एसपी झज्जर।
पिछली बार किसान आंदोलन के चलते उद्योग को काफी नुकसान हुआ था। इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। किसानों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखी जा रही है। उद्योगपतियों में भी इसे लेकर नाराजगी है। स्थिति पर नजर रखी जा रही हैं। जरूरत पड़ी तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।
-शक्ति सिंह, डीसी, झज्जर