कुंडली बॉर्डर पर मुख्य मंच से किसानों को संबोधित करते नेता।
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए विधेयक की मंजूरी को खुशी की बात बताया। साथ ही इन्हें निरस्त करने के संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने और अधिनियमित करने की मंजूरी के बाद प्रधानमंत्री को किसानों की लंबित मांगें याद दिलाई हैं। किसानों ने सरकार के इस निर्णय को सकारात्मकता की तरफ पहला कदम बताया है। वहीं एसकेएम ने कहा कि सूचीबद्ध 26 विधेयकों से संबंधित संसद के बुलेटिन में विद्युत संशोधन विधेयक-2021 व भारतीय समुद्री मात्स्यिकी विधेयक 2021 किसानों की चिंता को बढ़ा रहा है।
संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार की तरफ से तीन किसान-विरोधी कानूनों को निरस्त करने के लिए संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने और अधिनियमित करने के लिए एक विधेयक को हरी झंडी दिया जाना खुशी की बात है। मगर शीतकालीन सत्र में विधायी कार्य के लिए सूचीबद्ध 26 विधेयकों से संबंधित संसद के बुलेटिन में विद्युत संशोधन विधेयक 2021 और भारतीय समुद्री मात्स्यिकी विधेयक 2021 भी शामिल हैं। देश की किसानों के लिए राष्ट्रीय नीति 2007 के अनुसार मछुआरे भी किसान हैं। इस विधेयक के बारे में किसान और मछुआरा संघ अपनी आशंकाओं और चिंताओं को व्यक्त करते रहे हैं। इसके अलावा एसकेएम ने पहले ही प्रधानमंत्री को सरकार द्वारा लंबित मांगों को पूरा किए जाने तक आंदोलन जारी रखने के अपने इरादे के बारे में जानकारी दे दी है। ऐसे में सरकार को किसानों की लंबित मांगों को पूरा करने पर गंभीरता से कार्य शुरू कर देना चाहिए। किसान 29 नवंबर के दिल्ली कूच को लेकर 27 नवंबर की बैठक में अहम फैसला ले सकते हैं।
कुंडली समेत अन्य बॉर्डर पर मनाई सर छोटूराम जयंती
किसानों ने कुंडली बॉर्डर समेत अन्य मोर्चों पर सर छोटू राम की जयंती किसान मजदूर संघर्ष दिवस के रूप में उत्साह और सम्मान के साथ मनाई। कुंडली बॉर्डर पर लगे मुख्य मंच से बोलते हुए किसान नेताओं ने कहा कि वह 20वीं सदी की शुरुआत में किसान चेतना को बढ़ाने और उन्हें धार्मिक और जातिगत सीमाओं के पार एकजुट करने के अपने काम के लिए जाने जाते हैं। प्रांतीय चुनावों में जीत हासिल करने और राजस्व मंत्री बनने के बाद सर छोटू राम ने सूदखोरी को रोकने, जोतने वालों को भूमि प्रदान करने और किसानों को कर्ज से मुक्त करने के लिए वैधानिक परिवर्तन किए। संयुक्त किसान मोर्चा सर छोटू राम और उनकी प्रेरणादायी विरासत को हार्दिक सम्मान के साथ याद करता है। उन्होंने सदैव किसान-मजदूर के हित में कार्य किए।
26 नवंबर को किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर जुटने लगे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा की अपील के बाद 26 नवंबर को किसान आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर कुंडली बॉर्डर पर किसानों का आने का सिलसिला जारी है। धीरे-धीरे करके मोर्चा पर किसानों की भीड़ बढ़ रही है। कुंडली बॉर्डर पर पहुंचने वाले किसान ट्रैक्टर- ट्रालियों में रजाइयां, कंबल, गर्म वस्त्र और राशन लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पहुंचने वाले किसानों का कहना है कि अभी तो तीन कानून वापस हुए हैं, एमएसपी पर गारंटी कानून समेत कई महत्वपूर्ण मांगें लंबित हैं। इसके लिए अभी लड़ाई लडऩी पड़ेगी जिसके लिए पूरी तैयारी करके आए हैं। उधर, किसानों नेताओं को कहना है कि 25 नंवबर शाम तक हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है।