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किसान आंदोलन : लखीमपुर खीरी की घटना पर फूटा गुस्सा, डीसी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन

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सोनीपत में लघु सचिवालय के गेट पर धरना देते किसान। संवाद - फोटो : Sonipat
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यूपी के लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर सोमवार को किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर रोष जताया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने रोष मार्च निकालने के बाद लघु सचिवालय के गेट पर धरना दिया। बाद में डीसी ललित सिवाच को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापने सौंपा।
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सोमवार सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में किसान गोहाना रोड पर स्थित छोटूराम धर्मशाला में एकत्र हुए और गोहाना रोड पर रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। किसानों ने कोर्ट परिसर के अंदर से विरोध मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। किसानों ने तीन घंटे तक लघु सचिवालय परिसर के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन किया तथा सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। उसके बाद डीसी ललित सिवाच को राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा भी मौजूद रहे।
केंद्रीय राज्य मंत्री को बर्खास्त करने की रखी मांग
रोष जता रहे किसानों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से लखीमपुर खीरी की घटना की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में करवाते हुए राष्ट्रपति से केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करने की मांग की। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि इससे पहले भी अजय मिश्रा किसानों के खिलाफ भडक़ाने वाले बयान दे चुके हैं। मंत्री के बेटे व उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जकर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। रोषित किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे कुछ लोग अपने पदों का उपयोग शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे अन्नदाता के खिलाफ सुनियोजित हिंसा के लिए कर रहे हैं।
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सीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की रखी मांग
रोषित किसानों ने सीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम डीसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि सीएम मनोहर लाल का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें सीएम डंडे उठाने और जैसे को तैसा आदि भडक़ाने व उकसाने वाले शब्दों का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। रोषित किसानों ने कहा कि लठ उठाने का आह्वान हिंसा भडक़ाने व समाज की शांति भंग करने के इरादे को दर्शाता है। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल से कहा कि सीएम की इस तरह की बात कहना एक तरह से अपराध की श्रेणी में आता है। किसानों ने राज्यपाल से मांग की कि तुरंत प्रभाव से सीएम को पद से हटाया जाए तथा उनके खिलाफ नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर जांच एसआईटी से करवाई जाए। किसानों ने इस पूरे मामले की हाईकोर्ट से निष्पक्ष जांच करवाने की मांग की।
गोहाना आए तो सीएम का करेंगे विरोध
एक दिन पहले सीएम का विरोध नहीं करने की घोषणा के बाद सोमवार को लघु सचिवालय परिसर के सामने प्रदर्शन करते हुए रोषित किसानों ने कहा कि सीएम के आगामी गोहाना दौरे का विरोध किया जाएगा। इस दौरान सत्यवान नरवाल, श्रद्धानंद सौलंकी, ईश्वर सिंह राठी, डा. राजेश दहिया सहित बड़ी संख्या में संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान मौजूद थे।
भारी संख्या में तैनात रहे पुलिस कर्मी
किसानों के आंदोलन को देखते हुए लघु सचिवालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात रहे। मुख्य गेट के साथ-साथ सुरक्षा की दृष्टि से लघु सचिवालय की पार्किंग के गेट को भी बंद कर दिया गया। जिसके चलते लघु सचिवालय परिसर में पहुंचने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं गोहाना रोड और लघु सचिवालय परिसर रोड में ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी रही। जिसके चलते लोगों को दिक्कत हुई। हालांकि दोपहर 2 बजे के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए।
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