चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि यूपी में भाजपा सरकार होने के बाद भी वहां किसी भी नेता का विरोध नहीं किया जा रहा है। चढूनी ने कहा कि एक ही दिन हरियाणा में सीएम मनोहर लाल का किसान विरोध कर रहे थे और यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ आराम से गांवों में घूम रहे थे। अगर हरियाणा की तरह यूपी में विरोध होगा तो आंदोलन ज्यादा बड़ा हो जाएगा और सरकार पर दबाव बढ़ेगा। गुरनाम चढूनी ने कहा कि हरियाणा के अधिकारी भी अब यह कहने लगे हैं कि जब यूपी में आंदोलन नहीं करते हो तो यहां बवाल क्यों किया जाता है।
चढूनी ने यहां तक कहा कि यूपी में मंडी नहीं है और उनकी फसल तक नहीं बिकती है, फिर भी वहां के किसान विरोध नहीं कर रहे हैं। यूपी में आजतक टोल प्लाजा नहीं रोके गए और गाजीपुर बॉर्डर पर भी केवल 500 किसान बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी नेता की अगुवाई की जरूरत नहीं है और यूपी में किसानों को खुद आगे आकर आंदोलन तेज करना होगा। इस तरह से चढूनी ने यूपी के किसानों को पूरी तरह से घेरा है और वहां के किसान नेताओं पर भी सवाल उठाए हैं।
हमारे डर से गांवों में नहीं घुसते हैं नेता : टिकैत
भाकियू यूपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि इस तरह की बात कहने वालों को शायद यह नहीं पता है कि यूपी में किसानों का नेताओं के अंदर बड़ा डर है। वहां किसानों के डर के कारण ही नेताओं ने गांवों में आना छोड़ दिया है, लेकिन फिर भी यूपी में आंदोलन को तेज किया जाएगा और इसके लिए किसानों को तैयार किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी के किसान हमेशा आंदोलन में सबसे आगे रहे हैं और इस आंदोलन में भी सबसे आगे यूपी के किसान खड़े हुए हैं। इसलिए इस तरह की बात कहकर किसी का मनोबल नहीं तोड़ना चाहिए।