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किसान आंदोलन में विवाद: गुरनाम चढ़ूनी का सवाल-यूपी में आंदोलन क्यों नहीं, टिकैत की सफाई-कोरोना खत्म होने दो

Wed, 26 May 2021 12:41 PM IST
निवेदिता वर्मा अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)

सार

भाकियू हरियाणा अध्यक्ष गुरनाम ने यूपी में भाजपा की सरकार होने के बावजूद वहां किसी भी नेता का विरोध न किए जाने पर सवाल उठाया है।  
 
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गुरनाम चढ़ूनी और राकेश टिकैत। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के अध्यक्ष व संयुक्त मोर्चा के सदस्य गुरनाम चढूनी ने किसान आंदोलन को लेकर यूपी के किसानों और वहां के नेताओं को घेरा है। साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के एलान के तहत कोई भी आंदोलन नहीं करने का आरोप लगाया है।

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चढूनी ने यहां तक कह दिया कि यूपी के किसानों को बिना किसी अगुवाई की जगह खुद ही आगे आकर आंदोलन तेज करना चाहिए। वहीं इस तरह के आरोप लगने पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सफाई दी है कि यूपी में नेताओं को किसानों का इतना डर है कि वे गांवों में नहीं आ रहे हैं। यूपी में कोरोना संक्रमण कम होते ही आंदोलन अन्य जगहों के मुकाबले ज्यादा तेज किया जाएगा। 


भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष व संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम चढूनी ने यूपी में आंदोलन को लेकर बड़े सवाल उठाए हैं। चढूनी ने कहा कि किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा हरियाणा जुड़ा है और यहां के किसान लगातार सरकार पर दबाव बनाने के लिए सीएम से लेकर मंत्रियों, सांसद व विधायकों के कार्यक्रमों का विरोध कर रहे हैं। 

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चढ़ूनी ने आरोप लगाया कि यूपी में भाजपा सरकार होने के बाद भी वहां किसी भी नेता का विरोध नहीं किया जा रहा है। चढूनी ने कहा कि एक ही दिन हरियाणा में सीएम मनोहर लाल का किसान विरोध कर रहे थे और यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ आराम से गांवों में घूम रहे थे। अगर हरियाणा की तरह यूपी में विरोध होगा तो आंदोलन ज्यादा बड़ा हो जाएगा और सरकार पर दबाव बढ़ेगा। गुरनाम चढूनी ने कहा कि हरियाणा के अधिकारी भी अब यह कहने लगे हैं कि जब यूपी में आंदोलन नहीं करते हो तो यहां बवाल क्यों किया जाता है। 

चढूनी ने यहां तक कहा कि यूपी में मंडी नहीं है और उनकी फसल तक नहीं बिकती है, फिर भी वहां के किसान विरोध नहीं कर रहे हैं। यूपी में आजतक टोल प्लाजा नहीं रोके गए और गाजीपुर बॉर्डर पर भी केवल 500 किसान बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी नेता की अगुवाई की जरूरत नहीं है और यूपी में किसानों को खुद आगे आकर आंदोलन तेज करना होगा। इस तरह से चढूनी ने यूपी के किसानों को पूरी तरह से घेरा है और वहां के किसान नेताओं पर भी सवाल उठाए हैं। 

हमारे डर से गांवों में नहीं घुसते हैं नेता : टिकैत
भाकियू यूपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि इस तरह की बात कहने वालों को शायद यह नहीं पता है कि यूपी में किसानों का नेताओं के अंदर बड़ा डर है। वहां किसानों के डर के कारण ही नेताओं ने गांवों में आना छोड़ दिया है, लेकिन फिर भी यूपी में आंदोलन को तेज किया जाएगा और इसके लिए किसानों को तैयार किया जा रहा है। राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी के किसान हमेशा आंदोलन में सबसे आगे रहे हैं और इस आंदोलन में भी सबसे आगे यूपी के किसान खड़े हुए हैं। इसलिए इस तरह की बात कहकर किसी का मनोबल नहीं तोड़ना चाहिए।
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