गन्नौर की गांधी नगर में रहने वाली बुजुर्ग महिला विद्या देवी अपनी दस महीने की पोती रूतवी को लेकर पड़ोस में गई थी। इसके बाद विद्या देवी व उनकी पोती रूतवी बीमार हो गई। उनकी जांच कराई गई तो दोनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। दोनों को अलग-अलग आइसोलेट किया गया और बच्ची की देखभाल उसकी मां मोनिका करती रही। मोनिका ने बताया कि बच्ची को लगातार भाप देते रहे और उसे केला व दही खिलाते रहे। उसकी जब दोबारा जांच कराई गई तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
3 साल की बच्ची को भाप देते रहे, दूध व फल भी खिलाए
सोनीपत के न्यू तारा नगर में रहने वाले अमित ने बताया कि उनके साथ ही पत्नी व तीन साल की बेटी नायरा को बुखार, खांसी व जुकाम हो गया। जिसके बाद सभी ने कोरोना जांच कराई तो तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वह सभी होम आइसोलेट हो गए, लेकिन अपनी जगह बेटी पर ज्यादा ध्यान दिया। क्योंकि वह केवल तीन साल की थी। उन्हें बताया गया था कि बच्ची को लगातार भाप देते रहे और दूध व फल भी खिलाए। जिसके बाद वह ठीक हो गई और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
अगर कोई व्यक्ति बाहर से घर के अंदर जाता है तो वह खुद को सैनिटाइज करे और हाथ जरूर धोएं। कुछ देर के लिए बच्चों से दूर रहे। इस समय बच्चों को बाहर नहीं जाने दिया जाए और उनको खेलना है तो इंडोर गेम्स ही खेले। बच्चों को भी पौष्टिक खाना खिलाया जाए, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। नवजात को उसकी मां तक ही सीमित रखा जाए और इस समय उसके आसपास जाने से अन्य को बचना चाहिए। नवजात के लिए मां को अपना खानपान बेहतर रखना होगा और बच्चे की मां को हरी सब्जी व अन्य पौष्टिक खाना लेना चाहिए। -डॉ. आदर्श शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, सामान्य अस्पताल सोनीपत।