सोनीपत। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से पश्चिमी यमुना नहर के साथ दिल्ली से लेकर बड़वासनी तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कराया जा रहा है। गांव रोहट में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया गया ट्यूबवेल भी अधिग्रहीत जमीन में आ गया है। ऐसे में वीरवार को एजेंसी की ओर से हाईवे निर्माण के लिए बाधा बन रहे ट्यूबवेल की चहारदीवारी को तोड़ा गया तो ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने मौके पर पहुंच कर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जमीन अधिग्रहीत करते समय प्रशासन ने ग्रामीणों को दूसरी जगह ट्यूबवेल लगाने का आश्वासन दिया था। उसके बावजूद अभी तक ट्यूबवेल लगाने की कार्रवाई नहीं हो सकी। ग्रामीण दीपक कुमार, प्रकाश, संदीप, जयसिंह, रोहताश, अतर सिंह, नरेंद्र ने कहा कि पश्चिमी यमुना नहर के साथ लगे ट्यूबवेल से गांव के करीब 1400 घरों में पेयजल की आपूर्ति हो रही है। गांव में जिस जमीन पर नहर के साथ जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल आपूर्ति के लिए तीन ट्यूबवेल लगा रखे है, वह जमीन दिल्ली से बड़वासनी तक बनाए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहीत हो चुकी है। इस पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एजेंसी की ओर से हाईवे निर्माण को लेकर मिट्टी डाली जा रही है। वीरवार को मिट्टी डालने के लिए ट्यूबवेल की चहारदीवारी तोड़ने का काम शुरू कर दिया। लेकिन प्रशासन की ओर से गांव में पानी आपूर्ति के लिए अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हुई है। अगर अधिग्रहीत जमीन से ट्यूबवेल हटा दिया जाता है तो गांव में पेयजल संकट हो जाएगा।
ट्यूबवेल की चहारदीवारी गिराए जाने की भनक लगते ही काफी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर पहुंच गए और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया। उनकी हाईवे निर्माण कार्य में जुटे एजेंसी के कारिंदों के साथ बहस करने लगे। इस दौरान उन्होंने हाईवे का निर्माण रुकवा दिया। साथ ही लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एजेंसी की ओर से नए ट्यूबवेल न लगने तक इस जमीन पर निर्माण कार्य किया तो वह आंदोलन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस बीच एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि हाईवे का निर्माण करने से पहले जनस्वास्थ्य विभाग को उस जमीन का मुआवजा दिया जा चुका है।
वर्जन
राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए रोहट के पास विभाग की जमीन अधिग्रहीत हो चुकी है। विभाग की ओर से जल्द गांव में दूसरी जगह तलाश कर ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। तब तक एनएचएआई की ओर से अधिग्रहीत जमीन पर लगे ट्यूबवेलों को नहीं हटाने दिया जाएगा।
- एसपी जोशी, एसई जनस्वास्थ्य विभाग