दिल्ली रवाना होने से पहले अधिवक्ता ने जय सिंह ने कहा कि बेटियों संग अन्याय नहीं होने देंगे। बेटियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद उनके बयान तक दर्ज कराने में देरी की जा रही है। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर आरोप लगा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जांच कराई जाए।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे रहे पहलवानों संग दिल्ली पुलिस की झड़प के बाद उन्हें सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार दोपहर को अधिवक्ताओं का एक दल दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय सहन नहीं किया जाएगा।
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अधिवक्ताओं ने कहा
दिल्ली रवाना होने से पहले अधिवक्ता ने जय सिंह ने कहा कि बेटियों संग अन्याय नहीं होने देंगे। बेटियों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करने के बाद उनके बयान तक दर्ज कराने में देरी की जा रही है। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर आरोप लगा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर जांच कराई जाए। उसे बचाने का प्रयास करना गलत है। असंवैधानिक बातों को बढ़ावा दिया जा रहा है। बृजभूषण शरण सिंह ने अभी तक इस्तीफा नहीं दिया और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
पहलवानों से ज्यादती हो रही है- अधिवक्ता
अधिवक्ता श्रद्धानंद सोलंकी ने कहा कि जो सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा लगाती है वह सरकार मुकदमा दर्ज होने पर भी बृजभूषण सिंह शरण पर कार्रवाई करने से बच रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन अब गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उनका आरोप था कि किसानों के बाद अब पहलवानों से ज्यादती हो रही है। पहले किसानों को कुचलने वाले मंत्री व उनके बेटे पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, अब बेटियों से ज्यादती करने वाले आरोपी पर कार्रवाई नहीं हो रही है। बेटियां अगर सामने आई है तो कुछ गलत जरूर हुआ है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पहलवानों को सोनीपत के अधिवक्ता हर कानूनी मदद देने को तैयार है।