अस्पताल में मौजूद मृतक के परिजन।
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गामड़ी गांव में आरटीआई कार्यकर्ता हसन अली ने मकान तोड़े जाने पर जब पंचायती जमीन का रिकॉर्ड मांगा तो उसे मौत मिली। आरोप है कि सरपंच व उसके परिजनों ने दो दिन पहले कोर्ट परिसर से अपहरण कर लिया और मारपीट कर नहर में फेंक दिया। उपचार के दौरान गुरुवार को उसकी खानपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। पुलिस ने सरपंच व उसके भाइयों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक उपमंडल के गांव गामड़ी में पुराने तालाब को बंद करके उसे फाइव पोंड सिस्टम में तब्दील करने के लिए चौड़ा किया जा रहा था। गांव के तालाब के चौड़ीकरण होने की वजह से गांव निवासी हसन अली का मकान तोड़ दिया गया। आरोप था कि अली हसन ने यह मकान पंचायती जमीन में बनाया हुआ था। मकान मालिक ने न केवल आरटीआई लगाकर पंचायती जमीन का रिकॉर्ड मांगा, बल्कि पंचायत की कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट में भी केस दायर कर दिया। परिजनों का कहना है कि दो दिन पहले हसन अली कोर्ट परिसर में तारीख पर आया हुआ था। मृतक के परिवार का आरोप है कि सरपंच देवेंद्र मलिक और उसके चार साथियों ने हसन अली को कोर्ट परिसर से जबरदस्ती उठाया और बड़ी बेरहमी से उसकी पिटाई कर नहर में डाल दिया था। बाद में परिजनों ने उसे इलाज के लिए खानपुर कलां के बीपीएस मेडिकल कॉलेज में भर्ती करा दिया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार शाम को मौत हो गई।
सरपंच समेत चार के खिलाफ मामला दर्ज
मृतक हसन अली के परिजनों के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि परिजनों ने बयान दिया है कि दो दिन पहले गांव के सरपंच ने कोर्ट के बाहर से उसका अपहरण कर पिटाई कर सरगथल नहर में डाल दिया था। इसने सरपंच देवेंद्र ने उसका मकान तोड़ दिया था उसके खिलाफ आरटीआई लगाई गई थी। इसके कारण उसकी बेरहमी से पिटाई की थी। उसे पीजीआई खानपुर में भर्ती करवाया गया था, बयान अनफिट होने की वजह से नहीं हो पाए थे, लेकिन अब उपचार के दौरान गुरुवार को हसन अली की मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर गामड़ी गांव के सरपंच देवेंद्र मलिक, उसके भाई वीरेंद्र और अन्य युवकों प्रवीण व नरेंद्र के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है।
कृष्ण कुमार, प्रभारी कोर्ट काम्लैक्स पुलिस चौकी