इटौरा स्थित जेल की 22 फुट ऊंची दीवार गैस पाइप के सहारे फांदकर 17 अगस्त की शाम भाग निकले तीन बंदियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। हालांकि इसके लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई गई थी लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इस घटना के बाद बड़े अधिकारियों ने जेल का निरीक्षण किया था लेकिन जेल में सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी।
बता दें कि 25 मई 2014 की रात तरवां थाना क्षेत्र के कालू का पूरा गांव में गांव स्थित मंदिर परिसर में सत्यनरायण विश्वकर्मा, दीपक सिंह और गाजीपुर जिले के मरदह थाने के भोजपुर गांव निवासी अनिल शर्मा की ईंट, पत्थर और कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद बदमाश मंदिर से चांदी का मुकुट, कान का कुंडल, नकली हार, सिकड़ी, मोबाइल और 24 सौ रुपये लूट ले गए थे। दो जून 2014 को तरवां थाने की पुलिस ने इस घटना में शामिल गाजीपुर जिले के मरदह थाना क्षेत्र के महारे गांव निवासी प्रकाश मुसहर, गहमर थाना क्षेत्र के मनिया गांव निवासी चंद्रशेखर उर्फ शेखर मुसहर और नंदगंज थाना क्षेत्र के अगस्ता गांव निवासी जितेंद्र मुसहर सहित छह बदमाशों को गिरफ्तार किया था। 17 अगस्त को प्रकाश, चंद्रशेखर और जितेंद्र गैस पाइप के सहारे जेल की 22 फूट ऊंची प्रधान जेल फांदकर भाग गए थे। जेल सूत्रों की मानें तो जेल में लगे कुल 33 सीसीटीवी कैमरों में 13 कैमरे खराब पड़े हैं। फरार बंदियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने पुलिस की पांच टीमों का गठन किया था, लेकिन अब तक एक भी बंदी नहीं पकड़े जा सके।