फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुस्लिम समझ दफनाया था बलबीर का शव, पुलिस ने शुरू की शव लाने की तैयारी

Wed, 08 Mar 2017 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत/गोहाना।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोहाना से अगवा कर मौत के घाट उतारे गए बदमाश संदीप बड़वासनी व शराब कारोबारी बलबीर के शवों की शिनाख्त के बाद अब पुलिस के हाथ एक और अहम सबूत लगा है। उत्तर प्रदेश की मसूरी थाना पुलिस ने बलबीर को मुस्लिम समझकर उसके शव को दफना दिया था, जिससे उसका शव अब सोनीपत पुलिस को मिल सकता है। इसके लिए पुलिस ने पहल शुरू कर दी है। सोनीपत पुलिस ने कब्र से शव निकलवाने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी है। इतना ही नहीं पुलिस ने शव का डीएनए टेस्ट कराने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए हैं, जिससे बलबीर की हत्या की पूरी तरह से पुष्टि की जा सके।
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस ने 27 फरवरी को वेस्ट दिल्ली स्थित पैसीफिक माल के पास से चार बदमाशों को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। गिरफ्तार आरोपी गांव पांची जाटान निवासी सुशील उर्फ शीला व सुनील उर्फ उल्लू, गांव नयाबांस के अमेश उर्फ मेशा और गांव महलाना के अमित उर्फ लांबा हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने गांव बड़वासनी के संदीप, गांव रुखी के बलबीर और पानीपत के मतलौडा निवासी सुरेंद्र की हत्या करना स्वीकार किया था। तीनों के अलग-अलग थानों में अपहरण के मामले भी दर्ज हैं। मामले में पूछताछ के लिए एसआइटी गोहाना की टीम चारों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। पुलिस ने उन्हें सात दिन के रिमांड पर ले रखा है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि 11 फरवरी को अपहरण के बाद ही तीनों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। शवों को कार मेें डाल कर पहले दिल्ली ले गए थे। वहां पर उन्हें निर्वस्त्र कर कपड़ों को जला दिया था। बाद में शवों को गंगनहर यूपी में फेंक दिया था। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने बैंयापुर के रामकरण व विक्की नाम के युवक के कहने पर संदीप बड़वासनियां व उसके साथियों की हत्या की थी।
वहीं मामले में पुलिस की सिरदर्दी तब काफी कम हुई जब यूपी की मसूरी थाना पुलिस द्वारा गंग नहर से बरामद किए शव की शिनाख्त बलबीर के रूप में हुई। वहीं मुरादनगर पुलिस को मिले शव की शिनाख्त संदीप बड़वासनी के रूप में हुई। परिजनों ने दोनों शवों के फोटो देखकर उनकी शिनाख्त की।
विज्ञापन

मिल सकता है अहम सुराग
पुलिस ने जब जांच तेज की तो पता लगा कि मसूरी पुलिस ने बलबीर के शव का दाह संस्कार करने की बजाय उसे कब्र में दफनाया है। जिस पर बलबीर का शव पुलिस के लिए अहम सुराग बन सकता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के लिए कोर्ट में अनुमति दाखिल कर दी है। इतना ही नहीं पुलिस शव का डीएनए टेस्ट कराएगी, जिससे पुख्ता हो सके कि शव बलबीर का ही है।
विज्ञापन

बलबीर के शव को दफनाया गया है, जिससे पुलिस उसका शव बरामद कर सकती है। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिया है। यह काफी अहम सबूत बन सकता है।
-अश्विन कुमार, पुलिस अधीक्षक।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें