हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य ने लूटपाट के लिए युवक की हत्या करने के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर साढ़े चार माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गांव रेवली निवासी अजय डागर के खेत में 13 दिसंबर, 2019 को जयपुर, राजस्थान के दुर्गापुर रोड स्थित संजय कॉलोनी निवासी चिंकेश (25) का शव मिला था। पुलिस जांच में पता चला कि चिंकेश जयपुर में पिज्जा कॉर्नर पर काम करता था और सोनीपत में अपने दोस्त से मिलने आया था।
मामले का खुलासा नहीं होने पर साल 2020 में सीआईए-2 की टीम को इस केस में लगाया गया। सीआईए-2 ने 25 मार्च, 2020 को नेशनल हाईवे-44 पर देवीलाल पार्क के पास से मूलरूप से गांव खायरा मथुरा, यूपी निवासी प्रिंस को गिरफ्तार किया था।
पूछताछ में प्रिंस ने कबूल किया था कि उसने अपने दो साथियों गांव गढ़ी ब्राह्मणान निवासी कृष्ण उर्फ सोनू व कर्मबीर के साथ मिलकर चिंकेश की लूट के बाद हत्या कर दी थी। उसका शव रेवली के पास फेंक दिया था।
लूट और हत्या में सजा, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य ने सुनवाई के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए हत्या में उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई, जबकि लूट में दस-दस साल कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
प्रिंस की गिरफ्तारी से खुला था ब्लाइंड मर्डर केस
प्रिंस से पूछताछ में पता चला कि 12 दिसंबर, 2019 की रात वह अपने दो साथियों गांव गढ़ी ब्राह्मणान निवासी कृष्ण उर्फ सोनू व कर्मबीर के साथ कृष्ण की ईको वैन में मुरथल गया था। यहां से दो युवकों ने लिफ्ट ली थी। इनमें से एक युवक पानीपत के समालखा में उतर गया। जबकि चिंकेश गाड़ी में रह गया तो उन्होंने उससे लूटपाट की। विरोध करने पर चिंकेश के सिर में रॉड मारकर हत्या कर दी थी। उन्होंने चिंकेश का मोबाइल, बैग, जैकेट व जूते भी लूट लिए थे। पुलिस ने प्रिंस के किराए के कमरे से चिंकेश का मोबाइल बरामद किया था। बाद में पुलिस ने कृष्ण व कर्मबीर को भी गिरफ्तार कर लिया था।