हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह ने किशोरी को बहकाकर ले जाने व दुष्कर्म के दोषी को उम्रकैद और 1.30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि से एक लाख रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने पर ढाई साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सदर गोहाना थाना क्षेत्र के गांव निवासी व्यक्ति ने 5 अगस्त, 2022 को पुलिस को बताया था कि उनकी साढ़े 16 साल की बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ती है। वह सुबह स्कूल गई थी। दोपहर को स्कूल से कॉल आई कि उनकी बेटी स्कूल नहीं पहुंची है। तलाश के बाद भी वह नहीं मिली तो इसकी शिकायत पुलिस को दी।
पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। बाद में किशोरी को रोहतक से बरामद किया था। पुलिस ने झज्जर के एक गांव निवासी विकास उर्फ विक्की को गिरफ्तार किया था। वह रोहतक में किराये पर रहता था। आरोपी की किशोरी के गांव में रिश्तेदारी थी। जिसके चलते वह उनके गांव आता था। उसके बाद वह किशोरी को बहकाकर ले गया।
किशोरी ने उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी कर्मजीत की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। वहीं तत्कालीन एसआई बबली ने किशोरी के मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए थे। आरोपी के कमरे की निशानदेही करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह ने विकास को दोषी करार देते हुए 4 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद व एक लाख रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 363, 366 व 84 जेजे एक्ट में सात-सात साल कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी।