मकान मालिक ने जिस किराएदार से छह माह पहले दुकान खाली कराई थी उसी ने रंजिशन मकान मालिक के दो बच्चों सहित तीन का अपहरण कर लिया। तीसरा बच्चा मकान मालिक के मौैजूदा किराएदार का बेटा है। आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर न केवल अपहरण किया बल्कि दो मासूमों पर जानलेवा हमला तक कर दिया। आरोपी ने मकान मालिक के एक बेटे पर तो तेजधार हथियार के 32 वार कर दिए और उसे पराली में दबा दिया। गनीमत रही कि बच्चा वहां से निकल गया और किसान की मदद से परिजनों को मिल सका। साथ ही अपहृत मकान मालिक के मौजूदा किराएदार के बेटे से भी अपहर्ताओं ने जमकर मारपीट की है। घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने तीसरे बच्चे को दिल्ली रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद किया है। पुलिस ने बच्चों को लेकर भागने का प्रयास कर रहे मुख्य आरोपी के साथी को गिरफ्तार में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी ने अपनी पहचान राजीव नगर निवासी अमन के रूप में दी है।
पड़ोसी ने बच्चों को कार में ले जाते देखा
कबीरपुर निवासी नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा अमन (9) और दीपांशु (4) उनके किराएदार रवींद्र शर्मा के बेटे आर्यन (11) के साथ मंगलवार शाम को गली में खेलने गए थे। इसके बाद वह अचानक गायब हो गए। जब वह वापस नहीं लौटे तो उन्होंने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। इसी बीच किराएदार रवींद्र को पता लगा कि तीनों बच्चों को नरेंद्र का छह माह पहले किराएदार रहा नरेंद्र नगर निवासी सुमित अपने साथ ले गया। जब सुमित से बात हुई तो उसने बच्चों के बारे में जानकारी होने से मना कर दिया। इसी बीच एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि सुमित कार में तीनों बच्चों को लेकर गया है। इस पर कड़ाई से उससे पूछताछ की तो उसने पहले तो मना किया और बाद में अपना फोन बंद कर लिया। इस पर नरेंद्र को शक हुआ कि सुमित ही उनके बच्चों को लेकर गया है। उसने मामले से रात करीब नौ बजे सदर थाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। इसी बीच नरेंद्र के पास उसके बेटे अमन ने फोन कर बताया कि वह देवडू़ रोड पर खेत में है। उसे घायल किया गया है। जब पुलिस व परिजन खेत में पहुंचे तो अमन बुरी तरह घायल मिला उसके सिर व गले पर चोट के 32 निशान मिले। अमन के मिलने पर सुमित के अपहरण में शामिल होने का पता लग गया। पुलिस ने सुमित व दो अन्य के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया। अमन को निजी अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। पुलिस ने जांच के दौरान आर्यन को बुधवार सुबह कामी रोड पर घायल अवस्था में बरामद किया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रेफर किया गया है। तीसरे बच्चों को दिल्ली रेलवे स्टेशन से एक आरोपी अमन के साथ बरामद किया गया। पुलिस ने अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
जानलेवा हमला कर पराली में दबा दिया था अमन
अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्चों से अमानवीय व्यवहार किया। अमन के सिर व गर्दन पर करीब 32 वार करने के बाद उसके मुंह में घास ठूंसकर उसे पराली में दबा दिया गया। उसने होश आने के बाद पराली से निकलकर पास ही खेत में काम रहे एक किसान से मदद ली। उसके बाद वह अपने परिजनों से संपर्क कर सका और उसकी जिंदगी बच गई।
दीपांशु को लेकर दूर भागना चाहता था आरोपी अमन
पुलिस ने मामले में आरोपी अमन को दिल्ली रेलवे स्टेशन से दीपांशु के साथ पकड़ा हैै। वह दीपांशु को लेकर दूसरे प्रदेश में भागने की फिराक में था। इसी बीच दिल्ली रेलवे स्टेशन पर उसे दबोच लिया गया।
छह माह पहले खाली कराई थी दुकान
आरोपी सुमित छह माह पहले तक नरेंद्र ने घर में ही दुकान चलाता था। लेन-देने को लेकर नरेंद्र ने सुमित से अपनी दुकान खाली करा ली थी। इसी को लेकर वह नरेंद्र के प्रति रंजिश पाल बैठा और इतनी बढ़ी वारदात को अंजाम दे दिया।
पेन खरीदने के बहाने ले गया आरोपी
आरोपी सुमित बच्चों को गली से पेन दिलाने के बहाने लेकर गया था। आगे गली में खड़ी अपनी कार में बैठाकर उनका अपहरण कर ले गया। वह दुकान छोड़ने के बाद अक्सर नरेंद्र के घर आ जाता था। इसके चलते किसी को उनकी मंशा का पता नहीं लग सका।
मासूम की तलाश में दिल्ली तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने तीनों बच्चों को बरामद कर लिया। जहां अमन रात को ही मिला, वहीं आर्यन को सुबह बरामद किया गया। हालांकि दीपांशु का पता लगाने के लिए पुलिस की परेशानी बढ़ गई। थाना प्रभारी रमेश कुमार को पता लगा कि सुमित का एक साथी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर है। इस पर तुरंत टीम ने रेलवे पुलिस दिल्ली से संपर्क किया और कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर-दबोचा।
तीन बच्चों के अपहरण का मामला सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई थी। महज 24 घंटे में पुलिस ने कार्रवाई कर तीनों बच्चों को बरामद कर लिया हैै। एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया हैै। जल्द ही मुख्य आरोपी व अन्य का भी पता लगाकर उन्हें काबू किया जाएगा। -आर्यन चौधरी, डीएसपी