गांव छतेहरा बहादुरपुर के पास कपड़ा व्यवसायी को काबू कर गाड़ी व नकदी लूट के मामले में पुलिस ने अंतरराज्यीय लूट गिरोह के सरगना व उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी पहचान दिल्ली के पीतमपुरा निवासी अक्षय व अमन और दिल्ली के रोहिणी निवासी निखिल के रूप में दी है। सोनीपत पुलिस ने आरोपी अमन को सिरसा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अमन को सिरसा पुलिस के सुपुर्द किए जाने के पीछे उसका सोनीपत में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना बताया गया है। हालांकि सिरसा पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी स्वयं दिखाकर अपनी पीठ थपथपा रही है। पुलिस ने अक्षय व निखिल को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस इस मामले में पीतमपुरा निवासी रोहन व दिल्ली के प्रहलादपुर निवासी रवींद्र को पहले ही काबू कर चुकी है। आरोपियों ने दिल्ली व हरियाणा में आधा दर्जन लूट की वारदात अंजाम कबूल किया था। अक्षय की गिरफ्तारी से सिरसा स्थित गन हाउस में हुई लूट से भी पर्दा उठा है।
बहादुरगढ़, दिल्ली और बारोटा में कबूलीं आधा दर्जन वारदात
बहादुरगढ़ के कपड़ा व्यवसायी सेक्टर-6 निवासी वरवीन तायल से 10 दिसंबर को गांव छतेहरा बहादुरपुर के पास लूटपाट हुई थी। चार बदमाश पिस्तौैल के बल पर उससे कार, मोबाइल फोन व 13 हजार रुपये की नकदी लूट ले गए थे। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया था। मामले में बारोटा चौकी प्रभारी रामतीर्थ व उनकी टीम में शामिल एएसआई रणबीर और सिपाही विकास ने एक आरोपी रोहन को काबू किया था। बाद में उसके साथी दिल्ली के गांव पहलादपुर निवासी रवींद्र को काबू किया गया था। दोनों ने रिमांड अवधि के दौरान बहादुरगढ़, दिल्ली व बारोटा के पास आधा दर्जन लूट की वारदात अंजाम देना कबूल किया था। दोनों ने बताया था कि उन्होंने के गिरोह कि सरगना अक्षय व अन्य के साथ मिलकर 10 दिसंबर को ही रोहिणी से हांडा सिटी कार, बहादुरगढ़ से फारच्यूनर गाड़ी व छतेहरा बहादुरपुर से कार लूटी थी। राई के पास एक कार सवार आभूषण व नकदी लूटे थे।
21 नवंबर को सिरसा में लूटा था गन हाउस
अब पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए दिल्ली के पीतमपुरा से सरगना अक्षय, अमन व उसके साथी निखिल को काबू कर लिया है। अक्षय व निखिल को पुलिस ने अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, तीसरे आरोपी अमन को सोनीपत पुलिस ने सिरसा पुलिस को सौंप दिया। उसका सोनीपत में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि उन्होंने 21 नवंबर को सिरसा के गन हाउस से पांच पिस्तौल लूटी थीं। वहीं, 23 अक्तूबर को दिल्ली के नांगलोई से स्विफ्ट कार लूटी थी। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
कागजी कार्रवाई से बचने के लिए सिरसा पुलिस को सौंपा तीसरा आरोपी
सोनीपत पुलिस ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे सिरसा पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कागजी कार्रवाई से बचने के लिए ऐसा कदम उठाया है। हालांकि इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो गया है।
अंतरराज्यीय लूट गिरोह के तीन सदस्यों को पीतमपुरा दिल्ली से काबू किया गया था। इनमें से दो आरोपियों के खिलाफ सोनीपत में लूट के मामले दर्ज थे। तीसरे आरोपी को सिरसा पुलिस को सौंप दिया गया है। उसका सोनीपत में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। उससे सिरसा पुलिस पूछताछ कर रही है।
अश्विन शैणवी, पुलिस अधीक्षक