जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के चालक को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। विजिलेंस की टीम ने 30 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अंतरजातीय विवाह शगुन योजना का लाभ देने के एवज में 40 हजार मांगे थे, 10 हजार पहले ले चुका था।
सोनीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), रोहतक की टीम ने सरकारी योजना का लाभ देने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किए सोनीपत जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के चालक को अदालत में पेश किया। आरोपी को अदालत से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान विजिलेंस की टीम मामले में अन्य की संलिप्तता का पता लगाएगी।
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एंटी करप्शन ब्यूरो, रोहतक के डीएसपी सुमित कुमार ने बताया था कि टीम को सूचना मिली थी कि सरकारी योजना का लाभ देने के एवज में 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई है। शिकायतकर्ता सोनीपत निवासी मदन ने टीम को बताया था कि उनकी रिश्ते में पोती ने अंतरजातीय विवाह किया था।
उन्होंने सरकार की अंतरजातीय विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए सोनीपत जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय में आवेदन किया था। उन्हें योजना के बदले में ढाई लाख रुपये मिलने थे। उन्होंने चालक प्रदीप से संपर्क किया तो 40 हजार रुपये मांगे गए। उन्होंने 10 हजार रुपये दे दिए। इस पर उन्हें सवा लाख रुपये मिल गए थे। बाद में सवा लाख का दूसरा चेक आने पर वह उसे लेने गए तो नहीं मिल सका था। उनसे 30 हजार की मांग की गई थी।
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उन्होंने विजिलेंस को शिकायत दे दी थी। जिस पर इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। टीम ने कार्यालय के पास से आरोपी प्रदीप को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया। जहां उसे दो दिन की रिमांड पर लिया है।
सरकारी योजना का लाभ देने की एवज में रिश्वत लेते पकड़े गए चालक को अदालत से दो दिन की रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ कर मामले में सभी साक्ष्य जुटाए जाएंगे। साथ ही अन्य की संलिप्तता का भी पता लगाया जाएगा। -इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह, एसीबी रोहतक