हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए विवाहिता के पति, सास व ससुर को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों दोषियों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।
पानीपत के गांव इसराना निवासी मोहित ने 15 अगस्त 2018 को खरखौदा थाना पुलिस को बताया था कि उन्होंने अपनी बड़ी बहन राखी की शादी वर्ष 2013 में सिसाना निवासी संदीप के साथ की थी। शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था। ऐसे में कई बार हुई कहासुनी के बाद वह अपनी बहन को मायके ले आए थे।
हालांकि उसकी बहन के ससुराल पक्ष के लोग गलती मानते हुए उसकी बहन को वापस ले गए थे। वापस ले जाने के बाद बहन से गाड़ी व जमीन की मांग की जाती थी। बहन राखी ने मां को 14 अगस्त 2018 को फोन कर इस बारे में बताया था। मोहित ने बताया था कि 15 अगस्त 2018 को उसके पास बहन के चाचा ससुर का फोन आया था।
उसने कहा था कि राखी की तबीयत खराब हो गई और अस्पताल में आ जाओ। बाद में संदीप ने भी फोन कर बताया था कि राखी अस्पताल में दाखिल है। सूचना पाकर वह अपने परिवार के सदस्यों को साथ लेकर सोनीपत स्थित निजी अस्पताल में पहुंचा तो उसकी बहन की मौत हो चुकी थी। मोहित का आरोप था कि सुसराल पक्ष के लोगों ने उसकी बहन को दहेज की मांग करते हुए जहर देकर मार डाला है।
पुलिस ने शिकायत पर राखी के पति संदीप, ससुर नरेश, सास दर्शना, देवर व चचेरे ससुर के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई के बाद एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने पति संदीप, सास दर्शना व ससुर नरेश को दोषी करार दिया। शनिवार को फैसला सुनाते हुए अदालत ने तीनों दोषियों को दहेज हत्या के मामले में सात-सात साल कैद की सजा सुनाई है।