हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने आठ साल के किशोर से कुकर्म करने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद और 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 80 हजार रुपये पीड़ित बच्चे को देने के आदेश दिए गए हैं।
व्यक्ति ने 9 जनवरी, 2020 को सिटी थाना की ओल्ड चौकी पुलिस को बताया था कि उसका आठ साल का बेटा 8 जनवरी, 2020 की शाम को दुकान पर बेसन लेने गया था। वह काफी देर तक नहीं लौटा तो उन्होंने उसकी तलाश की थी। काफी देर बाद में उसका बेटा आता दिखाई दिया था। पूछने पर बताया कि पड़ोस का युवक प्रवेश उसे अपने साथ बाग में सुनसान जगह पर ले गया था। जहां उसके साथ गलत कर दिया।
वहीं, किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने आरोपी को पकड़कर विरोध जताया तो वह उन्हें भी मारने की धमकी देकर फरार हो गया। जिस पर पुलिस को शिकायत दी गई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में जांच करते हुए तत्कालीन चौकी प्रभारी रामकुमार ने घटनास्थल से बच्चे की चप्पल व बेसन बिखरा हुआ बरामद किया था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी प्रवेश को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने प्रवेश को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 6 पॉक्सो एक्ट में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, भादंसं की धारा 377 में उम्रकैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 325 में तीन साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 506 में दो साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 365 में सात साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। कुल जुर्माना राशि 90 हजार रुपये में से 80 हजार रुपये पीड़ित को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर 21 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। सभी सजा एक साथ चलेंगी।