कोट मोहल्ला में दो पक्षों में झगड़ा हो रहा था। पुलिस सूचना पर पहुंची थी। पुलिस को एक पक्ष ने लाठी व धारदार हथियार लेकर दौड़ाया। गंडासी से सिर पर वार किया गया। पुलिस एएसआई के हाथ पर गंभीर चोट लगी है। दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है।
हरियाणा के सोनीपत में कोट मोहल्ला में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे एएसआई पर ही एक पक्ष ने जानलेवा हमला कर दिया। उनके सिर पर गंडासी (धारदार हथियार) से हमला कर दिया। इस पर उन्होंने बचाव में हाथ अड़ाया तो गंभीर चोट लगी। उनका दिल्ली के अस्पताल में ऑपरेशन कराया गया। पुलिस ने उनके बयान पर सात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
सिविल लाइन थाना की ओल्ड चौकी में नियुक्त एएसआई शिवमुनि ने पुलिस को बताया कि वह बुधवार रात ड्यूटी पर थे। आधी रात को जानकारी मिली कि कोट मोहल्ला में दो पक्षों में झगड़ा हो रहा है। वह होमगार्ड जवान को साथ लेकर बाइक पर मौके पर पहुंचे।
वहां पर राजन उर्फ गोलू, उसकी बहन नेहा, अमित उर्फ मीता, संजू, नितिन उर्फ टॉपर और उसकी पत्नी शीतल व एक अन्य युवक हाथों में डंडे और गंडासी लिए हुए थे। वह अपने पड़ोसी बादल और उसके साथियों के साथ झगड़ रहे थे।
विज्ञापन
जब उन्हें समझाने की कोशिश की तो नितिन उर्फ टॉपर ने साथियों को आवाज देकर कहा कि यह वही शिवमुनि है, जिसने हमें गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उन्हें कई दिन जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद सभी उनकी तरफ दौड़ पड़े। नितिन ने गंडासी से उनके सिर पर वार किया तो उन्होंने हाथ अड़ा लिया। इससे उनके हाथ पर गंभीर चोट लगी।
इस दौरान लोग एकत्रित हुए तो हमलावर धमकी देकर भाग गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची चौकी पुलिस उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। यहां से उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। परिजन उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में ले गए। अस्पताल में उनके हाथ का ऑपरेशन हुआ। पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने के बाद वीरवार शाम दो महिलाओं समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।