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गोहाना: फर्म बनाकर आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व प्रधान से 5.11 करोड़ से अधिक का धान खरीदा, अब रुपये देने से इनकार

Thu, 17 Mar 2022 09:08 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)

सार

पूर्व प्रधान ने छह लोगों पर खुद समेत अन्य आढ़तियों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पूर्व प्रधान का आरोप है कि अन्य आढ़तियों के साथ भी धोखाधड़ी की गई है। एसडीएम की अदालत के आदेश में आरोपियों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हरियाणा के गोहाना में जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान से 5.11 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पूर्व प्रधान का आरोप है कि छह लोगों ने फर्म बनाकर उससे धान खरीदा और अब रुपये देने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोपियों पर अन्य आढ़तियों के साथ भी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया।

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उन्होंने आरोपियों पर अन्य आढ़तियों के साथ भी धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया। इस पर शहर थाना पुलिस ने एसडीएम की अदालत के आदेश पर नामजद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

अनाज मंडी एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप कुमार ने नायब एसडीएम की अदालत में दी शिकायत में बताया कि करनाल की दीवान कॉलोनी निवासी भारत सिंघल, अनुज सिंघल व राजपाल सिंघल वर्ष 2014 में धान के सीजन के दौरान अनाज मंडी में उसके पास आए थे। उन्होंने बताया कि उनका करनाल में मैसर्ज आरपी बासमती राइस प्राइवेट के नाम से चावल का मिल है और वह चावल व अन्य कई चीजों का व्यापार करते हैं।
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उन्होंने चावल की आवश्यकता होने पर गोहाना की अनाज मंडी से धान की खरीद करने की बात कही। उन्होंने अन्य आढ़तियों को भी विश्वास दिलाया कि वह मंडी की शर्तों व नियम के अनुसार धान की खरीद करेंगे और समय पर उसका भुगतान करेंगे। 

प्रदीप कुमार के अनुसार, बाद में तीनों आरोपियों ने उसकी व मंडी के अन्य आढ़तियों की सुमित्रा सिंघल, समता व मोनिका से मुलाकात कराई। उन्होंने भी धान की खरीद अनुसार समय पर भुगतान करने का आश्वासन दिया। इस पर उन्होंने आरोपियों की बातों में आकर उन्हें धान बेचना शुरू कर दिया। शुरुआत में आरोपी उस समेत अन्य आढ़तियों का समय पर भुगतान करते रहे।

प्रदीप कुमार के अनुसार बाद में उसके आरोपियों में धान व खर्च समेत पांच करोड़ 11 लाख 5327 रुपये हो गए। इतने ही रुपये अन्य आढ़तियों के थे। आरोपियों ने उनका भुगतान रोक दिया और बार-बार मांगने पर भी भुगतान नहीं किया। प्रदीप का कहना है कि यह भुगतान 2014-15 के धान के सीजन का है। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें रुपये देने से भी मना कर दिया।

इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुई। इस पर आरोपियों ने उससे करनाल में उनकी ढाई करोड़ की जमीन देने का इकरारनामा भी किया। इसके बावजूद न जमीन की रजिस्ट्री कराई और न रुपये दिए। प्रदीप का आरोप है कि सभी आरोपियों ने साजिश के तहत उससे व अन्य आढ़तियों से धोखाधड़ी की नीयत से फर्म बनाई। इसके बाद आढ़तियों से धान खरीदकर रुपये देने से मना कर दिया। इस पर पुलिस ने नायब एसडीएम की अदालत के आदेश पर छह नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करके उनकी तलाश शुरू कर दी है।

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