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Sonipat: युवक से अमेरिका में काम के नाम पर 25 लाख की ठगी , गृह मंत्री को शिकायत देकर दर्ज कराया केस

Sun, 25 Dec 2022 11:59 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

गांव मोहाना निवासी पप्पू ने गृह मंत्री और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि अमेरिका भेजने और अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 25 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। उसके मौसेरे भाई पानीपत के गांव कुराना निवासी संदीप ने उसे कहा था कि वह अपने गांव के एजेंट राजबीर व वेदपाल के माध्यम से उसे अमेरिका भेजकर वहां अच्छी नौकरी दिलवा सकता है।
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सोनीपत में ठगी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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सोनीपत के गांव मोहाना के युवक को अमेरिका भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। युवक ने मामले की शिकायत गृह मंत्री अनिल विज को दी। मामले की जांच एएसपी खरखौदा को सौंपी गई। उन्होंने जांच के बाद मोहाना थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव मोहाना निवासी पप्पू ने गृह मंत्री और पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि अमेरिका भेजने और अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 25 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पप्पू ने बताया कि उसके मौसेरे भाई पानीपत के गांव कुराना निवासी संदीप ने उसे कहा था कि वह अपने गांव के एजेंट राजबीर व वेदपाल उर्फ वेद के माध्यम से उसे अमेरिका भेजकर वहां अच्छी नौकरी दिलवा सकता है। जिसके बाद वह संदीप के साथ वेदपाल और राजबीर से मिला था। उन्होंने उसे अमेरिका भेजने के नाम पर 55 लाख रुपये का खर्च बताया था। उन्होंने उसे कहा कि वह कई युवाओं को अमेरिका भिजवा चुके हैं। वह सभी अच्छे रुपये कमा रहे है। जिससे वह उनके झांसे में आ गया। 

संदीप और राजबीर ने कागजात के नाम पर उससे दो लाख रुपये ले लिये। बाद में उनके पिता ने तीन लाख रुपये राजबीर द्वारा दिए गए खाते में डलवा दिए। बाद में दस लाख रुपये कुराना के सुरेश को दिलवा दिए। उन्होंने उसे हस्ताक्षर किया एक चेक गारंटी के तौर पर दिया। वहीं 3.90 लाख राजबीर द्वारा दिए गए एक अन्य खाते में डलवा दिए। साथ ही छह लाख रुपये वेदपाल के कहने पर सतीश नाम के व्यक्ति को दिए गए। अलग-अलग समय में उससे करीब 25 लाख रुपये ले लिए गए। उसके बाद आरोपियों ने षड्यंत्र के तहत उसे दुबई भेज दिया। वहां उसे एक व्यक्ति मिला। उसने यूरोप का वीजा दिलवाने के लिए उसका पासपोर्ट भी ले लिया। चार माह तक वह दुबई में रहे। वहां पर उनका कोई फिंगरप्रिंट हुए और न ही कोई वीजा मिला। उससे पूछताछ करने पर व्यक्ति ने उसका पासपोर्ट लौटा दिया। उसे कोई काम नहीं मिला। वह चार माह तक दुबई रहने के बाद वापस अपने देश आ गया। इस दौरान वहां रहने में भी उसके काफी पैसे खर्च हो गए। उसने वापस आकर अपने रुपये मांगे तो वह पहले एक-दूसरे पर टालते रहे और बाद में उसे मारने की धमकी देने लगे। जिस पर उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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