हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 15 साल की कैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी करार दिए गए तस्कर को एसटीएफ सोनीपत की टीम ने गिरफ्तार किया था।
एसटीएफ के तत्कालीन एसआई नरेश कुमार ने 12 जून, 2018 को थाना मुरथल पुलिस को बताया था कि मुरथल क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान जानकारी मिली थी कि मादक पदार्थ तस्करी के मामले में सजायाफ्ता पैरोल जंपर मूलरूप से कैथल के गांव दबन खेड़ी व फिलहाल करनाल के तरावड़ी निवासी रमेश उर्फ मेशा कार में मादक पदार्थ लेकर दिल्ली की तरफ से आएगा।
इस पर टीम ने ट्रैफिक थाना मुरथल के पास नाका लगा था। पुलिस ने नाकाबंदी कर मुरथल ट्रैफिक थाने के पास कार को रुकवा लिया था। कार सवार की पहचान रमेश उर्फ मेशा के रूप में हुई थी। आरोपी को नोटिस देकर उसकी कार की तलाशी तत्कालीन डीएसपी राहुल शर्मा के सामने ली गई थी। उसकी कार के अंदर छह बोरियों से कुल 57 किलो 765 ग्राम चूरा पोस्त मिला था। उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
गुरुवार को एएसजे अजय पराशर की अदालत ने रमेश उर्फ मेशा को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 15 एनडीपीएस एक्ट में 15 साल की कैद व डेढ़ लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।