दोषियों ने ट्रेन में सफर कर रहे मध्यप्रदेश के परिवार के साथ 26 जुलाई, 2016 को लूटपाट की थी, अदालत ने तीनों दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
हरियाणा में सोनीपत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने ट्रेन में लूटपाट करने के मामले में सुनवाई करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को दस-दस साल कैद व तीन-तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ के गांव मोबई छिपोन निवासी गोविंद ने 27 जुलाई, 2016 को रेलवे पुलिस को बताया था कि वह अपनी पत्नी सरोज, छोटे भाई पुष्पेंद्र व साले पवन के साथ दादर एक्सप्रेस में सवार होकर समालखा, पानीपत से मध्यप्रदेश जा रहा था। सोनीपत रेलवे स्टेशन से चार युवक ट्रेन में सवार हुए थे।
उन्होंने चाकू दिखाकर उससे 25 हजार रुपये लूट लिए थे। साथ ही विरोध करने पर पुष्पेंद्र को चाकू मार दिया था। रेलवे पुलिस ने 27 जुलाई, 2016 को लूट का मुकदमा दर्ज कर लिया था। जीआरपी ने यूपी के जिला बागपत के गांव दोघट निवासी पवन, सोनीपत के गांव बंदेपुर निवासी प्रदीप, छतेहरा निवासी अरुण व एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों ने दादर ट्रेन में लूट की वारदात कुबूल की थी। उन्हें अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
गुरुवार को एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने प्रदीप, पवन व अरुण को दोषी करार दिया है। अदालत ने तीनों को भादंसं की धारा 392 में सात साल कैद व एक हजार रुपये जुर्माना और धारा 397 में दस साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।