अब पहले से ज्यादा फैल रहा प्रदूषण
ईंट-भट्ठों से निकलने वाले धुएं से प्रदूषण कम करने के लिए इनकी चिमनियों को ऊंचा कराया गया था। अब एनसीआर में भट्ठों का संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। रोक के बावजूद इन्हें चलाया जा रहा है। भट्ठों की चिमनियों से दूर से ही धुआं निकलता दिख जाता है। ऐसे में संचालकों ने अब ईंट-भट्ठों से निकलने वाले धुएं को भी चिमनी के माध्यम से बाहर न निकालकर गरंड (भट्ठो पर ईंट भराई स्थल) के ऊपर छोटी-छोटी चिमनी लगाकर निकाला जा रहा था। जिससे वह धुआं क्षेत्र में फैल रहा है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता को ही करनी पड़ रही कार्रवाई
एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने 30 जून से ही भट्ठों को बंद कर दिया था। इस संबंध में आपूर्ति विभाग की ओर से सरकार को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। जिसमें भट्ठों को अग्रिम आदेश तक स्थायी रूप से बंद कराना दिखाया गया है। आपूर्ति विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की निगरानी के बावजूद एक सप्ताह में ही पांच ईंट-भट्ठे चलते मिले। यह सभी मोहाना थाना क्षेत्र में ही चलते मिले हैं। ऐसे में रात को सभी टीमों को साथ लेकर मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को कार्रवाई करनी पड़ रही है।
ईंट-भट्ठों को एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट ने बंद करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में इन्हें अवैध तरीके से किसी सूरत में नहीं चलने दिया जाएगा। आदेशों की अवहेलना कर ईंट-भट्ठा चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। -अजीत सिंह, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता