फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonipat: अवैध खनन करने पर बायोगैस कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 18.480 मीट्रिक टन ज्यादा रेत निकाली

Fri, 21 Apr 2023 11:02 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

खनन विभाग के इंस्पेक्टर विकास ने बहालगढ़ थाना पुलिस को बताया कि गांव खेवड़ा निवासी  कृष्ण, जोगिंद्र व अन्य ने डीसी सोनीपत को एसएस बायोगैस एनर्जी के खिलाफ अवैध खनन की शिकायत दी थी। डीसी ने मामले में 30 दिसंबर, 2022 को खनन एवं भूविज्ञान विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे
विज्ञापन
सोनीपत पुलिस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सोनीपत के गांव खेवड़ा के खेतों में अवैध खनन करने के आरोप में पुलिस ने एसएस बायो गैस एनर्जी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी ने 18.480 मीट्रिक टन रेत का ज्यादा खनन किया। मामला जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में उठा तो मंत्री ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिस पर कंपनी के खिलाफ खनन विभाग के इंस्पेक्टर ने मुकदमा दर्ज कराया है।

विज्ञापन


कंपनी पर लगाया गया था 29.66 लाख रुपये जुर्माना
खनन विभाग के इंस्पेक्टर विकास ने बहालगढ़ थाना पुलिस को बताया कि गांव खेवड़ा निवासी  कृष्ण, जोगिंद्र व अन्य ने डीसी सोनीपत को एसएस बायोगैस एनर्जी के खिलाफ अवैध खनन की शिकायत दी थी। डीसी ने मामले में 30 दिसंबर, 2022 को खनन एवं भूविज्ञान विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। बाद में इस मामले को 17 फरवरी को जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में  रखा गया।

सिक्योरिटी राशि के पांच लाख हो चुके जब्त, अब भी 24 लाख बकाया
जिस पर मामले में विभाग की टीम ने गांव खेवड़ा में जाकर जांच की तो पता लगा कि एसएस बायो एनर्जी ने 92609 मीट्रिक टन खनिज के स्थान पर 1.11 मीट्रिक टन खनिज का खनन कर लिया। कंपनी ने कुल 92,609 मीट्रिक टन खनिज उठाने के लिए 6 परमिट खनन एवं भूविज्ञान विभाग से लिए थे। 18 हजार 480 मीट्रिक टन खनिज व रेत अवैध रूप से ज्यादा उठाया पाया गया।
विज्ञापन


खेवड़ा के ग्रामीणों ने दिसंबर, 2022 में डीसी को दी थी शिकायत
खनन विभाग ने इसके बाद रायल्टी, कीमत व जुर्माना राशि के तौर पर कुल 29 लाख 66 हजार 880 रुपये जमा करवाने के लिए मैसर्ज एसएस बायोगैस एनर्जी को सुशील कुमार के माध्यम से दो बार नोटिस भेजे थे। कंपनी की ओर से यह राशि सरकारी खजाने में जमा नहीं करवाई गई। इसके बाद विभाग में जमा कंपनी की सिक्योरिटी राशि  5 लाख रुपये को जब्त कर लिया गया। कंपनी ने उसके बाद जुमामा राशि के 24.64 लाख रुपये नहीं दिए।

एडीसी को जांच सौंपी तो हुआ था खुलासा
जिस पर जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की 14 मार्च को हुई बैठक में सुनवाई करते हुए मंत्री मूल चंद शर्मा ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। जिस पर अब इंस्पेक्टर के बयान पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें