‘मिठाई अच्छी बनी है’ तो लड़का व ‘मिठाई में कमी है’ तो लड़की होने की सूचना दी जाती थी। भ्रूण लिंग जांच गिरोह के यह कोड वर्ड होते थे, जिनका वे इस्तेमाल करते थे। यह खुलासा भ्रूण लिंग जांच में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुआ है। भ्रूण लिंग जांच के आरोप में गिरफ्तार निजी अस्पताल के तकनीशियन दीपक व आरोपी महिला मीना को पुलिस ने रिमांड के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
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जिला पीएनडीटी अधिकारी डॉ. स्वराज चौधरी ने पांच अक्तूबर को बहालगढ़ रोड स्थित अस्पताल के तकनीशियन दीपक को भ्रूण लिंग जांच के नाम पर 40 हजार रुपये लेते पकड़ा था। उसके साथ मीना को भी पकड़ा था। उन्हें रिमांड पर लिया गया। उन्होंने पूछताछ में दिल्ली के दलाल से संपर्क होने की बात कुबूली है। उनके मोबाइल से कई आईडी मिली हैं। वह गाजियाबाद स्थित सेंटरों पर ले जाकर भ्रूण लिंग जांच कराते थे। पुलिस आरोपियों के दिल्ली निवासी साथी की तलाश कर रही है।
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भ्रूण लिंग जांच के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां उन्हें जमानत मिल गई। मामले में दिल्ली के एक अन्य व्यक्ति की जानकारी सामने आई है। उसे भी जल्द गिरफ्तार कर मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
- इंस्पेक्टर बिजेंद्र कुमार, थाना प्रभारी, राई।