जयपुर के शातिर आरोपी के नौ करोड़ रुपये मूल्य के बिटक्वाइन अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर करने वाले पुलिसकर्मियों की जांच तेज कर दी गई है। सोनीपत में पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि वह वह आरोपी को जयपुर से अगवा करके लाए थे। बिटक्वाइन को अपने खाते में ट्रांसफर करने के बाद उसे सिरसा पुलिस को सौंप दिया था। अब सोनीपत पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के साथ ही अन्य की पहचान के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र की ओबीसी कॉलोनी के रहने वाले शातिर शशिकांत ने आरोप लगाया था कि उसे सोनीपत पुलिस के पांच पुलिसकर्मियों ने जयपुर से अगवा किया था। सोनीपत पुलिस के एएसआई शिवकुमार और उसके साथी पुलिसकर्मी मोनू उर्फ पवन हवलदार की पहचान कर ली गई है। उन दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। इनके साथ गए तीन अन्य की पहचान नहीं हो पाई है। उसके लिए अधिकारी लगातार प्रयासरत हैं।
एएसपी उपासना के नेतृत्व में टीम विभागीय जांच कर रही है। पुलिस की एक टीम जयपुर जाएगी। वहां से शशिकांत को अगवा करने के समय की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य पुलिसकर्मियों की पहचान का प्रयास किया जाएगा। पुलिस पता लगा रही है कि बिटक्वाइन को किसके खाते में ट्रांसफर किया गया है। इसके लिए पुलिस शिवकांत के मोबाइल की जांच रिपोर्ट प्राप्त करने का प्रयास कर रही है। वहीं सिरसा जेल में जाकर पीड़ित शशिकांत से भी मुलाकात का प्रयास किया जाएगा। पुलिस की टीम उसकी पत्नी से भी बातचीत करेगी।
मामले में दो पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए थे, उनको सस्पेंड कर दिया गया है। अन्य आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच टीम मामले की गहराई तक जाएगी और प्रत्येक दोषी को सामने लाया जाएगा। - राहुल शर्मा, एसएसपी, सोनीपत